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राष्ट्रपति लेंगे इन खास हिमाचली व्यंजनों का जायका, मेन्यू में होगा ये सब

Sun, 20 May 2018 01:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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छह दिन के प्रवास के दौरान राष्ट्रपति कोविंद हिमाचल के कई पकवानों का स्वाद चखेंगे। राजभवन की ओर से राष्ट्रपति के सम्मान में रविवार रात को आयोजित प्रीतिभोज में उन्हें दही वाला लिंगड़ू, सिड्डू और कांगड़ी धाम का चने का मदरा परोसा जाएगा।

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विभिन्न परंपरागत पकवानों के अलावा राजभवन ने हिमाचली पकवान तैयार करने के लिए विशेष खानसामे भी बुलाए हैं। प्रीतिभोज में पुलाव, पनीर की सब्जी, मटर की सब्जी, भरवा आलू, दाल, रायता भी परोसा जाएगा। मीठे में उन्हें हिमाचली बाथू की खीर परोसी जाएगी।

सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रपति ने भी हिमाचली व्यंजनों को चखने को लेकर खास इच्छा व्यक्त की है। इसी वजह से राजभवन ने भी हिमाचली व्यंजनों की विशेष व्यवस्था की है। 

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छराबड़ा में इस बार उजाड़ है राष्ट्रपति की वाटिका

शिमला के छराबड़ा स्थित राष्ट्रपति निवास रिट्रीट
देश के राष्ट्रपति की छराबड़ा स्थित वाटिका इस बार लगभग उजाड़ है। इसे बिगडे़ मौसम ने तहस-नहस करके रख दिया है। माना जा रहा है कि इस बार इस बगीचे में मुश्किल से सेब के साफ फलों की तीन से चार पेटियां ही हो पाएंगी। ओलावृष्टि, तूफानी हवाओं और अत्यधिक ठंड की वजह से इस दफा इसमें कमजोर फल सेटिंग है। पिछले साल भी इस बगीचे से साफ सेब फलों की करीब 25 पेटियां ही दिल्ली भेजी जा सकीं।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शिमला आ रहे हैं तो वह अपने इस बगीचे में टहलने जा सकते हैं। हालांकि, बगीचे में फलदार पौधे उन्हें खाली-खाली और ओलों से दागी ही नजर आएंगे। अंग्रेजों के जमाने में वर्ष 1850 में बने अपने शिमला स्थित निवास रिट्रीट छराबड़ा में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंग आगामी दिनों में ठहरेंगे, जो एक ओर देवदार के घने जंगल से घिरी है तो इसके दूसरी तरफ मशोबरा की दिशा में एक वाटिका भी है। ये 15 बीघा में फैली है।

ये बहुत पुरानी है, इसलिए इसमें बहुत से पेड़ तो ठूंठ हो चुके हैं। इसमें सेब के लगभग डेढ़ सौ पेड़ खडे़ हैं। चेरी, नाशपाती, खुमानी और प्लम के भी दर्जनों पेड़ हैं। किसी जमाने में यहां दस क्विंटल तक चेरी होती थी। ये सेब से भी ज्यादा होती थी। इस बार चेरी में ड्रॉपिंग की बीमारी लगी है। स्थिति ये है कि इसमें चेरी के शायद दस बक्से भी नहीं हो पाएंगे। पुराने पेड़ों के अलावा जो नए पेड़-पौधे लगाए गए हैं, वे अभी फसल देने लायक नहीं हुए हैं।

जिन पेड़ों में फल उगे हैं, उनमें ओलों ने फल बींध डाले हैं। पत्ते भी बुरी तरह से छलनी हैं। कई बार यहां ओलावृष्टि और तूफानी हवाएं चल चुकी हैं। ओलों से फलों की रक्षा को एंटी हेलनेट न लगे होने से भी फलों का बचाव नहीं हो पाया है। ग्राम पंचायत मशोबरा के प्रधान भगतराम गर्ग बताते हैं कि इस पूरे क्षेत्र में इस बार मौसम की मार से फसल कमजोर है। कई बगीचों में तो सेब की फसल बिलकुल भी नहीं है। जाहिर है कि इस बार राष्ट्रपति का बगीचा भी मौसम के इस कहर से अछूता नहीं है।

राष्ट्रपति कोविंद के इस्तकबाल के लिए रिट्रीट तैयार

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के 20 से 25 मई के शिमला दौरे के लिए छराबड़ा के नजदीक स्थित राष्ट्रपति निवास रिट्रीट तैयार हो गया है। शासन से लेकर जिला प्रशासन तक के अधिकारियों ने राष्ट्रपति कोविंद के दौरे को लेकर हर संभावित तैयारी पूरी कर ली है।

शनिवार को मुख्य सचिव ने सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों के साथ दिनभर मैराथन बैठकें कर तैयारियों की अंतिम समीक्षा की। इसके बाद वह खुद भी रिट्रीट निरीक्षण करने गए। कुछ समय पहले इसी रिट्रीट में उस समय राज्यपाल रहे रामनाथ कोविंद को प्रवेश करने से रोक दिया गया था।

वे हिमाचल राजभवन के मेहमान थे और मशोबरा में राष्ट्रपति निवास रिट्रीट को भीतर से देखना चाहते थे। वे रिट्रीट के गेट पर खड़े रहे, लेकिन उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। इस बार कोविंद बतौर राष्ट्रपति आ रहे हैं।

अब उसी रिट्रीट को कोविंद के स्वागत के लिए सजा दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि अभूतपूर्व स्वागत के लिए लाइटों से सजाया गया है। 
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छह दिन के प्रवास पर आज शिमला पहुंचेंगे राष्ट्रपति कोविंद

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पहली बार हिमाचल के दौरे पर आ रहे हैं। रविवार दोपहर बाद उनका हेलीकॉप्टर शिमला के कल्याणी हेलीपैड पर उतरेगा। राष्ट्रपति छह दिन तक शिमला के छराबड़ा में अपने निवास स्थान रिट्रीट में ठहरेंगे और कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। रामनाथ कोविंद के साथ उनकी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्य भी होंगे। हालांकि पहले उनकी वापसी 24 मई को थी, लेकिन शनिवार को उनका प्रवास एक दिन और बढ़ा दिया गया है।

अब राष्ट्रपति 25 मई को शिमला से चंडीगढ़ और फिर विशेष विमान से नई दिल्ली रवाना हो जाएंगे। रविवार को शिमला पहुंचने के बाद रिट्रीट में विश्राम के बाद शाम को राजभवन में राष्ट्रपति और उनके परिवार के लिए प्रीति भोज रखा गया है। सोमवार 21 मई को सोलन के नौणी विवि के दीक्षांत समारोह में शिरकत करेंगे। इसके बाद 24 मई तक उनके कई कार्यक्रम हैं। राष्ट्रपति 24 को शिमला की वादियों का भी लुत्फ उठाएंगे।

अभी तक के कार्यक्रम के अनुसार 20 से 25 मई के बीच वह पंजाब के मोहाली और हिमाचल प्रदेश के शिमला का दौरा करेंगे। इस दौरान वह शिमला के नजदीक मशोबरा स्थित राष्ट्रपति निवास रिट्रीट में ठहरेंगे। शिमला प्रवास से पहले राष्ट्रपति कोविंद रविवार को मोहाली स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट आफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च के 7वें दीक्षांत समारोह में भाग लेंगे।

20 की शाम को वह हिमाचल के राज्यपाल आचार्य देवव्रत की ओर से उनके सम्मान में आयोजित प्रीतिभोज में शामिल होंगे। 22 को राष्ट्रपति पीटरहॉफ में हिमाचल सरकार की ओर से आयोजित रिसेप्शन में भी शिरकत करेंगे। 23 मई को वह प्रदेश के मुख्यमंत्री, मंत्रियों, अधिकारियों और पत्रकाराें से रूबरू होंगे। 

कोविंद को डॉक्टरेट ऑफ साइंस की उपाधि से नवाजेंगे- 21 मई को राष्ट्रपति नौणी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्यातिथि शामिल होंगे। नौणी विश्वविद्यालय उन्हें डॉक्टरेट ऑफ साइंस की मानद उपाधि से सम्मानित करेगा।

करीब 30 साल बाद दूसरी बार कोई राष्ट्रपति नौणी विश्वविद्यालय पहुंच रहे हैं। नौणी विवि के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति 465 छात्रों को डिग्री प्रदान करेंगे, जबकि नौ छात्रों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाएगा। रविवार को इसको लेकर रिहर्सल भी होगी।
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