सूत्रों के अनुसार खाना खाने के बाद उन्होंने हिमाचली पकवानों की जमकर तारीफ की। इससे पहले राजभवन में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सरस्वती स्वर संगम धर्मशाला के 19 कलाकारों ने राजभवन के लॉन में झमाकड़ा पेश किया।
वहीं, चूड़ेश्वर कला मंच ने सिरमौरी नाटी और दीपक नृत्य पेश कर देश के प्रथम परिवार का मन मोह लिया। वहीं, कार्यक्रम के बाद राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने राष्ट्रपति कोविंद, उनकी पत्नी व बेटी को हिमाचली टोपी, शॉल व मोमेंटो देकर सम्मानित भी किया।