विधेयक पारित होने के बाद मंत्री पद की दौड़ से बाहर रहे दो विधायकों की इन पदों पर ताजपोशी होगी, जिसको लेकर खींचतान तेज हो गई है। पूर्व मंत्री रमेश धवाला और नरेंद्र बरागटा के अलावा नूरपुर विधायक राकेश पठानिया मुख्य सचेतक की दौड़ में हैं। डिप्टी के लिए भी कई युवा विधायकों के नाम हैं। 22 मई को होने वाली विधायक दल की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा होगी।
मिलेंगी ये सुविधाएं
- हिमाचल प्रदेश अधिनियम 2000 में मंत्रियों के लिए तय वेतन ही मुख्य सचेतक को मिलेंगे
- उप मुख्य सचेतक को अधिनियम के तहत राज्य मंत्रियों को देय सुविधाएं अनुमन्वय
- मंत्रियों के बराबर दैनिक भत्ता, प्रतिपूरक भत्ता, सत्कार भत्ता, वाहन भत्ता, यात्रा भत्ता और अन्य।
- नि:शुल्क हवाई, रियायती मोटर कार और गृह निर्माण ऋण, नि:शुल्क टेलीफोन सुविधा
- दोनों को मंत्रियों के समान आवासीय सुविधा का प्रावधान