नौणी विवि के दीक्षांत समारोह में पहुंचे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। उन्होंने विवि के आठ विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से नवाजा। इनमें पांच छात्राएं और तीन छात्र शामिल हैं।
अंकिता पुत्री विजयपाल ने दो विषयों में स्वर्ण पदक हासिल किया। स्वर्ण पद हासिल करने वालों में बीएससी (बागवानी) में चिराग भाटिया पुत्र नरेश भाटिया को सत्र 2016-17, मास्टर प्रोग्राम में नेहा वर्मा पुत्री रमेश वर्मा को सत्र 2017-18, डाक्टरेट प्रोग्राम के लिए राजेश कंवर पुत्र सोहन सिंह कंवर
सत्र 2016-17, बीएससी (वानिकी) में कृतिका शर्मा पुत्री राजेंद्र शर्मा सत्र 2016-17, मास्टर प्रोग्राम में अंकिता पुत्री विजयपाल सत्र 2017-18, डाक्टरेट प्रोग्राम में भारती पुत्री अमर सिंह सत्र 2016-17, उद्यानिकी एवं वानिकी कॉलेज नेरी जिला हमीरपुर के बीएससी बागवानी की छात्रा प्रियंका
चौहान पुत्री कुलदीप सिंह को सत्र 2016-17, बीएससी जैव प्रौद्योगिकी में मानवी शर्मा पुत्री वीरेंद्र शर्मा को सत्र 2016-17 के लिए गोल्ड मेडल से सम्मानित किया।
इसके अलावा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए डॉ. एसपी ढल्ल गोल्ड मेडल अंकिता पुत्री विजयपाल को दिया गया। दीक्षांत समारोह में कुल 467 छात्रों को स्नातक या स्नातकोत्तर की उपाधि से सम्मानित किया गया।
सम्मान पाने वालों में 79 को पीएचडी, 42 एमबीए, 144 एमएससी, जबकि 202 छात्रों को बीएससी की डिग्री दी गई। इसके अलावा 190 छात्र-छात्राओं को मेरिट प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए। इनमें 120 लड़कियां और 70 लड़के शामिल हैं। डिग्री हासिल करने वालों में 263 लड़कियां और 214 लड़के शामिल हैं।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रपति का कार्यक्रम पूर्व निर्धारित रहता है, लेकिन राष्ट्रपति ज्यादातर इस अवधि के दौरान रिट्रीट के लिए ही आते रहे हैं। मौजूदा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद इस अवधि के दौरान कई कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं।
इससे उनकी कार्यशैली और कार्यकुशलता का पता चलता है। उन्होंने कहा कि नौणी विवि यदि देश में सबसे आगे नहीं है तो बहुत पीछे भी नहीं है। देश भर के सौ विश्वविद्यालयों का जिक्र जब भी कहीं आता है तो उसमें नौणी भी शामिल रहता है।
यह प्रदेश के लिए गर्व की बात है। सोमवार को नौणी विवि के दीक्षांत समारोह में सीएम ने कहा कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने हर काम को बखूबी अंजाम दिया है।
यही वजह है, जो वे राष्ट्रपति के पद को सुशोभित कर रहे हैं। कहा कि नौणी विवि शोध कार्य को बखूबी निभा रहा है। उन्होंने डिग्री हासिल करने वाले छात्रों से आह्वान किया कि वे संस्कृति और संस्कार के साथ आगे बढ़ें।
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि दीक्षांत का सही मायने में अर्थ शिक्षा के बाद सेवा की शुरुआत करना है। जो छात्र डिग्री हासिल कर आगे बढ़ रहे हैं, वे जीवन को लोगों की सेवा में लगाएं। राज्यपाल सोमवार को नौणी विवि में दीक्षांत समारोह में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि देश की उन्नति के लिए खेतीबाड़ी में नई खोज की जरूरत है। देश में खेतीबाड़ी का दौर हरित क्रांति से शुरू हुआ था। अब पुरानी खेती की वजह से जमीन बंजर हो रही है। यूरिया और दूसरी खाद डालने की वजह से बीमारियां बढ़ गई हैं।
किसान की लागत बढ़ रही है, जबकि आय धीरे-धीरे कम हो रही है। इस तकनीक से वैज्ञानिक खुद लाभ पैदा करके दिखाएं। यदि यह संभव नहीं है तो खेतीबाड़ी की तकनीक को बदलें। कहा कि किसानों की उन्नति के लिए शून्य लागत पर प्राकृतिक खेती को अपनाना बेहद जरूरी है।
सेब पर फूल से फल आने तक 16 तरह की स्प्रे की जाती हैं। इस पर बागवान लाखों रुपये खर्च कर देते हैं। किसान या बागवान की उन्नति तभी संभव हो पाएगी, जब उनकी लागत कम होगी। उन्होंने केंद्र सरकार की शून्य लागत खेती की सराहना की और नौणी विवि से इस विषय पर शोध शुरू करने का आह्वान किया।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रवास के दौरान शिमला शहर की जनता को हो रही परेशानियों पर चिंता जताई है। सूत्रों के अनुसार अमर उजाला अखबार पढ़ने के बाद उन्होंने प्रदेश सरकार को दोटूक कहा कि अगर उनके आने-जाने से आम जनता दिक्कत में है तो आने का औचित्य ही क्या है।
अव्यवस्थाओं को देखकर उन्होंने नाराजगी जताई और सरकार को निर्देश दिए हैं कि जब उनकी मूवमेंट हो तो आम जनता को परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
रविवार शाम को रिट्रीट से राजभवन आने और जाने के दौरान शहर के लोगों और सैलानियों को जाम में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। रात साढ़े नौ बजे तक शहर की कुछ ऐसी सड़कें भी सील रखी गई थीं, जहां से राष्ट्रपति का काफिला गुजरना ही नहीं था।
सड़कें सील होने के कारण शहर के लोगों को गाड़ियां बीच रास्ते में पार्क कर अंधेरे में पैदल घरों तक पहुंचना पड़ा। राष्ट्रपति का काफिला गुजरते समय सड़कों पर पैदल चल रहे लोगों को भी पुलिस ने इधर-उधर खदेड़ दिया।
इतना ही नहीं, जगह-जगह सड़कें बंद होने के कारण सैलानियाें को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। राष्ट्रपति के दौरे को लेकर राजधानी में जिला और पुलिस प्रशासन की पोल खुलकर रह गई है। नगर निगम शहर के लोगों को पीने के लिए पानी उपलब्ध नहीं करवा पा रहा और रविवार को शहर की सड़कें पानी से धोई गईं, जहां से राष्ट्रपति को गुजरना ही नहीं था।