सत्र के समापन पर नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सत्र समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने अपनी बात कही। दस दिन का यह सत्र हुआ। विधानसभा के भीतर यह अधिकार मिल जाता है। जब-जब सत्र होगा, तब-तब टकराव भी होगा। जहां तक सत्र का सवाल है। आसन का हम सम्मान करते हैं। पूरे प्रदेश के मुद्दे रहते हैं तो किसी न किसी तरह उन्हें सदन में उठाया जाए, यह बातें रहती हैं। ऐसे बहुत से मुद्दे हैं कि फैसला सरकार को ही करना है। लगातार लोगों से संदेश आ रहे थे कि विपक्ष ने ये मुद्दा छोड़ दिया, इसे नहीं उठाया। इसलिए कई मुद्दे उठाए। एक बात मुख्यमंत्री को जरूर कहना चाहेंगे कि लोकतंत्र में विपक्ष को अपनी बात कहने का अधिकार है।
यह विशेषाधिकार मिले हैं, सरकार विपक्ष से ज्यादा इस्तेमाल करती है। नए मंत्रियों का हम धन्यवाद करते हैं, नए मंत्रियों ने अच्छे जवाब दिए हैं। मंत्री बनने के बाद थोड़े दिन बाद वह फीलिंग आएगी, उससे बचके रहने की जरूरत है। धर्मशाला में अगले सत्र में मुलाकात होगी। तब तक संसदीय कार्य मंत्री भी ऐसा सोच विकसित करें। हिमाचल को जब हर तरफ से खोल दिया है। सामुदायिक संक्रमण की भी बात की है। हम जब पत्र लिखते हैं तो दुखी न हुआ करें। जब इतना संकट है तो कुछ न कुछ न कुछ हल निकलेगा। डॉक्टरों की सलाह जरूर लें। स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मदारी भी इस मौके पर ज्यादा बढ़ जाती है।