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Shimla News: नशा तस्करों के नेटवर्क पर जंबो टीम से प्रहार की तैयारी

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हर पुलिस कर्मी को क्षेत्रवार सौंपी जिम्मेदारी, शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक नशा तस्करी की हर गतिविधि पर रखी जा रही नजर
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नशे से अधिक प्रभावित क्षेत्रों की ज्यादा होगी निगरानी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिले में नशा तस्करी का नेटवर्क तोड़ने के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट (एसआईयू) की जंबो टीम का गठन किया गया है। टीम में हर सदस्य को क्षेत्रवार जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इसका मकसद शहरी क्षेत्रों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में नशा तस्करी की हर गतिविधि पर नजर रखना है जिससे पंजाब समेत दूसरे राज्यों से आने वाले सिंथेटिक ड्रग की तस्करी के मामलों को पकड़ा जा सके।
एसआईयू की टीम ने अनुभवी अधिकारियों के साथ ही ऐसे युवा पुलिस कर्मियों को शामिल किया है जिनका मुखबिरी का नेटवर्क मजबूत है और स्थानीय लोगों तथा विभिन्न वर्गों के साथ अच्छा संपर्क है। नशा तस्करी की कमर को तोड़ने के लिए इसमें 30 अधिकारियों और कर्मचारियों को शामिल किया है। राजधानी समेत बड़े उपनगरों के साथ ही उन ग्रामीण क्षेत्रों में भी एसआईयू कर्मियों की तैनाती की गई है, जहां पर नशा तस्करी के मामले पिछले लंबे समय से अधिक सामने आ रहे हैं। पुलिस ने उन क्षेत्रों की भी पहचान की है जहां पर नशे की सबसे अधिक मांग है। इसको देखते हुए उन क्षेत्रों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित किया गया है।
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एसआईयू की तकनीकी मदद के लिए साइबर विशेषज्ञों की मदद भी ली जा रही है। चिंता की बात यह है कि चिट्टे के साथ ही अब एलएसडी, मेथ क्रिस्टल जैसे पार्टी ड्रग की तस्करी के मामले भी अब जिले में सामने आने लगे हैं। इससे पुलिस को अंदेशा है कि अंतरराज्यीय गिरोह यहां नशे की डिमांड को देखते हुए नशा तस्करी के नए-नए हथकंडे अपना रहा है। इसको देखते हुए पुलिस ने भी नशा तस्करों से निपटने के लिए पुख्ता तैयारी कर ली है।
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रोहडू़, जुब्बल, ननखड़ी, ठियोग और शिमला शहर में सबसे अधिक मामले
जिला पुलिस के नशा तस्करी के मामलों की जांच में सामने आया है। सिंथेटिक ड्रग यानि चिट्टा तस्करी के सबसे अधिक मामले रोहड़ू, जुब्बल, चिड़गांव, ननखड़ी, ठियोग, कोटखाई और शिमला शहर में सबसे अधिक सामने आए हैं। इसको देखते हुए इन क्षेत्रों पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। खुफिया तंत्र को मजबूत करने के लिए टैक्सी चालकों, होटल कर्मियों समेत अन्य ऐसे वर्गों में भी पहुंच बनाई जा रही है जोकि नशा तस्करी के मामलों में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा सीआईडी और एसटीएफ भी नशा तस्करी के मामलों को पकड़ने में जिला पुलिस को जरूरी इनपुट उपलब्ध करवा रही है। पुलिस ऐसे अंतरराज्यीय नशा तस्करों का भंडाफोड़ कर रही है जो कि तकनीक और नशे के आदी युवाओं की मदद से तस्करी को अंजाम दे रहे हैं। इसके अलावा पर्यटकों की आड़ में आने वाले नशा माफिया को चिह्नित करने के लिए भी सूचना तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। एसएसपी गौरव सिंह ने बताया कि नशा तस्करी का नेटवर्क तोड़ने के लिए एसआईयू की टीम का दोबारा से गठन करके इसमें अनुभवी और बेहतरीन कर्मचारियों को शामिल किया है। इसमें क्षेत्र बांटकर नशा तस्करी की हर गतिविधि पर नजर रखने की कोशिश की जा रही है।
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