हिमाचल सरकार तेल डिपुओं में मिलने वाले केरोसिन (मिट्टी तेल) की आपूर्ति बंद करने की तैयारी में है। दलील दी जा रही है कि देवभूमि के हर घर में अब रसोई गैस सिलिंडर हैं। जिन लोगों के पास सिलिंडर नहीं था, उन्हें उज्जवला योजना के तहत मुफ्त कनेक्शन दिए गए हैं। लिहाजा, मिट्टी तेल के टेंडर की फाइल को रोक दिया गया है। हिमाचल में करीब 6 लाख राशनकार्ड उपभोक्ताओं को केरोसिन मिलता है। जिन मजदूरों ने अस्थायी राशनकार्ड बनाए हैं, उन्हें हर महीने 10 लीटर केरोसिन दिया जाता है।
जिन उपभोक्ताओं के पास सिंगल सिलिंडर है, उन्हें प्रति महीने 3 लीटर मिट्टी तेल दिया जा रहा है। गैस कनेक्शन मिलने के बाद कई लोग केरोसिन नहीं ले रहे हैं। यही नहीं, सरकार को यह भी शिकायत मिली है कि कई पेट्रोल पंप कर्मचारियों की डिपो वालों के साथ साठगांठ है। ये लोग केरोसिन लेकर पेट्रोल और डीजल में मिलावट करते हैं। खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव अमिताभ अवस्थी ने बताया कि इस फाइल को लेकर मुख्यमंत्री के साथ मंथन होना है। फिलहाल फाइल को मंजूरी नहीं दी गई है।
केंद्र फिर प्याज देने को तैयार
केंद्र सरकार हिमाचल को फिर प्याज देने को तैयार है। केंद्र हिमाचल को यह प्याज 21 रुपये प्रति किलो देगा। प्रदेश में यह 30 से 35 रुपये किलो मिलेगा। लिहाजा, प्रदेश सरकार ने प्याज लेने से फिलहाल मना कर दिया है। इसका कारण इन दिनों बाजार में प्याज के दाम 30 से 35 रुपये प्रति किलोग्राम होना है।