फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल में संस्कृत विश्वविद्यालय खोलने की तैयारियां तेज, बैठक में हुआ मंथन

Wed, 04 Sep 2019 07:39 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

हिमाचल में पहला संस्कृत विश्वविद्यालय खोलने की तैयारियां तेज हो गई हैं। जयराम सरकार ने चुनावी दृष्टिपत्र की घोषणा को पूरा करने के लिए विवि के लिए स्थान तलाशना शुरू कर दिया है। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बुधवार को सचिवालय में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के शिक्षण संस्थानों से आए प्रमुखों तथा शिक्षकों के साथ बैठक की।

विज्ञापन


विस्तृत चर्चा के बाद विवि की स्थापना के उद्देेश्य से प्रधान सचिव शिक्षा केके पंत की अध्यक्षता में भूमि चयन के लिए एक शोध समिति तथा शैक्षणिक पहलुओं के लिए एक शैक्षणिक समिति गठित करने का फैसला लिया गया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार राज्य में प्रथम संस्कृत विश्वविद्यालय स्थापित करने को हरसंभव प्रयास कर रही है। संस्कृत भाषा न केवल एक प्राचीन, शुद्ध व संपन्न भाषा है, बल्कि भारत की संस्कृति, इतिहास व परंपराओं की परिचायक भी है।

संस्कृत के विद्वानों ने समाज के कल्याण के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कहा कि सरकार ने अपने दृष्टिपत्र में संस्कृत विवि स्थापित करने का संकल्प लिया था। इस दिशा में सभी हितधारकों को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर विचार किया जा रहा है। विवि की स्थापना के लिए उचित स्थान की खोज की जाएगी, जहां संस्कृत भाषा की प्रासंगिकता होगी।
विज्ञापन


इसके अतिरिक्त गठित की जाने वाली समितियां विश्वविद्यालय के स्वरूप, प्रारूप तथा आर्थिक पक्ष पर भी विचार करेंगी। प्रधान सचिव शिक्षा केके पंत ने कहा कि संस्कृत भाषा में हमारे देश की विभिन्न संस्कृतियां समाहित है। प्रदेश सरकार संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना करने के लिए प्रयास कर रही है। निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा, केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री, प्रदेश विवि के कुलपति डॉ. सिकंदर कुमार, हिमाचल संस्कृत अकादमी के सचिव डॉ. भक्त वत्सल शर्मा आदि मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें