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शिमला: शाहपुर आईटीआई में ड्रोन प्रशिक्षण स्कूल खोलने की तैयारियां तेज, हस्ताक्षरित हुआ समझौता ज्ञापन

Sat, 05 Mar 2022 09:44 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

प्रदेश का पहला फ्लाइंग स्कूल स्थापित करने के लिए शनिवार को राज्य सचिवालय शिमला में समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित हुआ। सरकारी कर्मचारियों के साथ आम लोगों का भी ड्रोन के उपयोग के बारे में यहां मार्गदर्शन मिलेगा। युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे।
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ड्रोन प्रशिक्षण - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के शाहपुर आईटीआई में ड्रोन प्रशिक्षण स्कूल खोलने की तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रदेश का पहला फ्लाइंग स्कूल स्थापित करने के लिए शनिवार को राज्य सचिवालय शिमला में समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित हुआ। सरकारी कर्मचारियों के साथ आम लोगों का भी ड्रोन के उपयोग के बारे में यहां मार्गदर्शन मिलेगा। युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेश में चार और फ्लाइंग स्कूल खोलने की भी घोषणा की है।

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प्रधान सचिव सूचना प्रौद्योगिकी और तकनीकी शिक्षा डॉ. रजनीश ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में ड्रोन प्रशिक्षण के लिए पहला फ्लाइंग स्कूल कांगड़ा जिले के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान शाहपुर में स्थापित किया जाएगा। इसके लिए शनिवार को तकनीकी शिक्षा निदेशक विवेक चंदेल और केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्रालय की स्वायतशासी संस्था इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी के मध्य एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। प्रदेश में ड्रोन सुविधा का उपयोग दवाइयों की आपूर्ति, कृषि, वानिकी, राहत एवं बचाव, निगरानी, यातायात व मौसम संबंधी निगरानी, अग्निशमन, व्यक्तिगत उपयोग, ड्रोन आधारित फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी में किया जा सकेगा।

यह प्रदेश में संसक्त, स्वचालित और तीव्र संभार तंत्र की सुविधा भी देगा। तकनीकी शिक्षा विभाग राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान शाहपुर में उम्मीदवारों को जमीनी प्रशिक्षण के लिए भूमि और भवन तथा सिम्यूलेटर की स्थापना के लिए एक कमरा उपलब्ध करवाया गया है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी ने राज्य के 100 सरकारी कर्मचारियों को तीन वर्षों के लिए 15 प्रतिशत विशेष रियायत देने का फैसला लिया है। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों और शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययनरत बीपीएल श्रेणी के 100 छात्रों एवं प्रशिक्षुओं को तीन वर्षों के लिए प्रशिक्षण 55 हजार रुपये और 18 प्रतिशत जीएसटी की दरों पर देने का प्रस्ताव दिया है।

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