एचपीयू और कॉलेजों में अवकाश के चलते तैयारियों में लगा अड़ंगा, सरकार से भी स्पष्ट आदेश नहीं
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अब चार फरवरी के बाद ही संभव होगी बैठक अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को स्नातक डिग्री कोर्स में पूरी तरह से लागू करने की मुहिम शीतकालीन अवकाश के चलते फिर ठंडी पड़ गई। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) में 18 फरवरी तक और कॉलेजों में चार फरवरी तक अवकाश रहने के कारण जो तैयारी शुरू हुई थी अब रुक गई है।
हालात बीते वर्ष जैसे बन रहे हैं जिसमें नई शिक्षा नीति (एनईपी) को अगले सत्र के लिए टालना पड़ा था। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने एनईपी को लेकर 28 दिसंबर को दोनों विवि के तहत आने वाले कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ बैठक बुलाई थी लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री के निधन के चलते स्थगित करनी पड़ी। अब प्राचार्यों के साथ यह बैठक पांच फरवरी को कॉलेजों के खुलने के बाद ही हो पाएगी। कॉलेजों में जून से यूजी डिग्री कोर्स में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू होगी। इन पांच माह में शिक्षा विभाग, एचपीयू और कॉलेजों को नई शिक्षा नीति के अनुरूप वार्षिक की जगह सेमेस्टर सिस्टम यूजी प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए तैयारी करने का समय है। इस सीमित समय में एनईपी के अनुसार यूजी डिग्री कोर्स में प्रवेश की तैयारी पूरी करनी होगी। शिक्षा नीति लागू करने को लेकर सरकार की ओर से भी स्पष्ट निर्देश नहीं आए हैं। ऐसे में विवि और शिक्षा विभाग भी साफ नहीं कर सका हैै कि सेमेस्टर सिस्टम में कैसे प्रवेश होगा, किस कॉलेज में कितने विषयों के पढ़ने की सुविधा मिलेगी। प्रोस्पेक्ट्स में क्या-क्या रहेगा इस सबकी जानकारी न तो कॉलेजों प्रबंधन को है, न ही विवि को।
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विवि स्तर पर एक साल का यूजी डिग्री कोर्स का पाठ्यक्रम तैयार करने का दावा है, लेकिन इसे भी एकेडमिक काउंसिल से मंजूरी नहीं मिली है, इसके बाद ही यह ईसी में जाएगा। इसे ईसी में ले जाने से पूर्व विवि को भी सरकार से एनईपी को सत्र 2025 से लागू करने के आदेश आने चाहिए। ऐसा होने पर ही विवि मामला ईसी में ले जाकर इसे ऑर्डिनेंस में शामिल कर नए सत्र से यूजी डिग्री कोर्स में फिर से सेमेस्टर सिस्टम में डिग्री शुरू कर सकेगा। हालांकि कॉलेज प्राचार्यों से शिक्षा विभाग एनईपी को लेकर आवश्यक जानकारी छुट्टियों में भी एकत्र कर रहा है।
सरकार के आदेश पर आगे बढ़ेगा विवि : डीएस
विवि के डीएस प्रो. बीके शिवराम ने कहा कि विवि में 18 फरवरी तक शीतकालीन अवकाश है। यदि सरकार के आदेश हुए तो पाठ्यक्रम को मंजूरी प्रदान करने के लिए छुट्टियों में भी एकेडमिक काउंसिल की बैठक करवाई जा सकती है।