घर से लंबे समय के लिए कहीं जाने पर बिजली बिलों की कोई परेशानी नहीं होगी। घर लौटने पर वे शेष रहे रिचार्ज के बिजली यूनिट इस्तेमाल कर सकेंगे। जबकि वर्तमान में बिजली उपयोग नहीं भी की जाती है तो एक या दो माह बाद उपभोक्ताओं को बिजली के 150 से 175 रुपये अदा करने पड़ रहे हैं।
उधर, इन मीटरों को स्थापित करने के बाद बिजली बोर्ड को भी उपभोक्ताओं से बिल न देने की शिकायतें दूर हो जाएंगी। इससे रिकवरी का झंझट भी खत्म हो जाएगा। यह मीटर उपभोक्ताओं को किराए पर या खरीदकर किसी भी तरीके से स्थापित करने होंगे।
बिजली बोर्ड के एसडीओ यशविंद्र सिंह ने बताया कि सरकार व विद्युत बोर्ड की ओर से फिलहाल प्री-पेड मीटर योजना को लागू नहीं किया गया है। योजना पर काम जरूर चल रहा है। अगर प्री-पेड स्मार्ट मीटर उपयोग की योजना लागू होती है तो बिजली उपभोक्ताओं के साथ-साथ विद्युत बोर्ड को भी बिलों की रिकवरी के झंझट से मुक्ति मिलेगी।