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सरकारी स्कूलों में परखा जाएगा विद्यार्थियों का लर्निंग लेवल, केंद्र ने दिए आदेश

Thu, 17 Jan 2019 12:50 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का लर्निंग लेवल जांचने के लिए अब विशेष अभियान चलाया जाएगा। केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों को इस बाबत आदेश दिए हैं। अगस्त और सितंबर महीने में स्कूलों का निरीक्षण किया जाएगा। इसके अलावा देशभर के स्कूलों की अब परफार्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स से ग्रेडिंग तय की जाएगी।

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बुधवार को नई दिल्ली में स्कूल एजूकेशन की सचिव रीना रे की अध्यक्षता में हुई देशभर के शिक्षा अधिकारियों की बैठक में यह फैसला लिया गया। हिमाचल से समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक आशीष कोहली ने बैठक में भाग लिया।

सरकारी स्कूलों में सभी सुविधाएं देने और बच्चों का ज्ञान जांचने के लिए बैठक में स्कूलों के निरीक्षण के लिए विशेष अभियान चलाने का फैसला लिया गया। इस दौरान शिक्षा विभाग के विशेष दल स्कूलों में जाकर औचक निरीक्षण करेंगे। बच्चों से बातचीत कर उनका ज्ञान जांचा जाएगा। स्कूलों में मिलने वाली कमियों को दूर करने के लिए सुझाव दिए जाएंगे।
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बैठक में स्कूल एजूकेशन सिस्टम में सुधार लाने के लिए परफार्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स से स्कूलों को ग्रेडिंग देने का फैसला भी हुआ। स्कूल सिस्टम की ग्रेडिंग करने के लिए 70 इंडिकेटर्स का प्रयोग किया जाएगा। इन इंडिकेटर्स के आधार पर राज्यों को उनकी कमियां बताई जाएंगी। कमियों में सुधार करने में केंद्र सरकार मदद भी देगी। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय इस इंडेक्स को तैयार कर रहा है।

इंडेक्स राज्यों का एक हजार प्वाइंट ग्रेडिंग सिस्टम पर आकलन करेगा। इसमें प्रति पैरामीटर 10 से 20 प्वाइंट होंगे। इसका उद्देश्य राज्यों को उनकी कमियों को समझने और सुधार करने में मदद करना है। सुधार वाले प्रोजेक्ट में मदद के लिए सरकार एक अलग फंड भी बनाएगी।

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8.55 लाख विद्यार्थियों को फरवरी-मार्च में मिलेगी स्मार्ट वर्दी

सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 8.55 लाख विद्यार्थियों को फरवरी और मार्च महीने में स्मार्ट वर्दी मिल जाएगी। खाद्य आपूर्ति निगम ने वर्दी खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनियों से 21 दिनों के भीतर आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। निगम दो साल के लिए एक साथ वर्दी खरीदने जा रहा है। पहली से 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले साढ़े आठ लाख विद्यार्थियों के लिए बीते साल शुरू हुई स्मार्ट स्कूल वर्दी की टेंडर प्रक्रिया को मंत्रिमंडल ने दिसंबर में धर्मशाला में हुई बैठक में रद्द कर दिया था।

मंत्रिमंडल ने नए सिरे से वर्दी खरीदने का फैसला लिया। बीते साल टेंडर प्रक्रिया में शामिल कंपनियों को भी इसमें आवेदन करना होगा। समय की बचत करने के लिए इन कंपनियों के सैंपल दोबारा नहीं जांचे जाएंगे। प्रक्रिया में शामिल होने वाली नई कंपनियों के सैंपल ही जांचे जाएंगे।

फाइनेंशियल बिड नए सिरे से खुलेगी। शीतकालीन स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र 11 फरवरी से शुरू होगा। ऐसे में नया सत्र शुरू होते ही इन स्कूलों में वर्दी देने की सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी है। शीतकालीन स्कूलों में फरवरी माह में वर्दी देने का लक्ष्य रखा गया है। ग्रीष्मकालीन स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र अप्रैल महीने में शुरू होगा।

ऐसे में विभागीय अधिकारियों ने इन स्कूलों में मार्च महीने में वर्दी देने का लक्ष्य रखा है। विद्यार्थियों को निशुल्क दी जाने वाली स्मार्ट वर्दी योजना का नाम भी सरकार ने बदल दिया है। कांग्रेस सरकार के समय में महात्मा गांधी वर्दी योजना और मुख्यमंत्री वर्दी योजना नाम से वर्दी दी जाती थी। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने के बाद योजना का नाम बदलकर अटल स्कूल वर्दी योजना रख दिया गया है।
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