धूमल ने कहा कि आज कांग्रेस को धारा 356 बुरी लग रही है। इंदिरा गांधी के कार्यकाल में तो 55 बार एसेंबलीज भंग की गई।
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प्रश्नकाल में गतिरोध के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष में जमकर नोकझोंक हुई। नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल ने स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह की सीएम वीरभद्र सिंह के साथ एकजुट होने की सदन में कही बात पर तंज कसा कि स्वास्थ्य मंत्री नए सूट में हैं। ऐसा लगता है कि नए सूट में नया अवतार प्रकट हुआ है।
हम सत्ता में थे तो सुबह बैठक रोज करते थे, लेकिन पिछले दिन रात के वक्त सीएलपी की बैठक की गई। बोले, आपने खुलकर सोनिया गांधी में पूरा विश्वास जताया। आपने कहा कि हम वीरभद्र के साथ यूनाइटेड हैं। बात नेतृत्व में विश्वास की थी। ऐसे में चर्चा की जानी चाहिए। स्पीकर बोले, उन्होंने इसे रिजेक्ट कर दिया है।
नोकझोंक के बीच उत्तराखंड मामले का जिक्र आने पर धूमल बोले, आज कांग्रेस को धारा 356 बुरी लग रही है। इंदिरा गांधी के कार्यकाल में तो 55 बार एसेंबलीज भंग की गई। हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश की एसेंबली 1992 में एक रात को ही भंग की गईं। बाली बोले, अटल बिहारी वाजपेयी ने तो इंदिरा गांधी को दुर्गा और चंडी का रूप कहा था।
इस पर धूमल ने कहा कि ये 1971 का युद्ध जीतने के बाद कहा था। जिस संदर्भ में कहा गया था, उसकी बात की जानी चाहिए। उस समय पूरा देश तारीफ कर रहा था। उत्तराखंड की तरह जब नौ लोग वहां से इधर आ जाएंगे तो यहां भी वैसा ही होगा। इस पर संसदीय कार्य मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रश्नकाल चलने दिया जाए।
जब विपक्ष के सदस्य बाहर गए तो स्पीकर ने व्यंग्य के लहजे में कहा - बजट पास नहीं होगा तो तनख्वाह भी नहीं मिलेगी। इस पर कौल सिंह ने कहा कि लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं। प्रश्नकाल में सवाल पूछे बगैर ही रह रहे हैं। विपक्ष को इसका फर्क नहीं पड़ता। इनको न तो लोकतंत्र में विश्वास है और न ही स्पीकर पर भरोसा है। विपक्ष के सदस्य कट मोशन को ही आते हैं। ये ठीक नहीं है।