पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने नए-पुराने चेहरे के सवाल को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि बात जिताऊ उम्मीदवार की होगी। टिकट जिसको भी मिले, बाकियों को मिलकर उस पार्टी प्रत्याशी के साथ काम करना होगा, नहीं तो पार्टी से बाहर जाना होगा। वह बड़सर विधानसभा हलके में दलित स्वाभिमान सम्मेलन के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे।
प्रदेश में भाजपा नेतृत्व के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि सही समय पर हाईकमान उचित निर्णय लेगी। 1998 में चुनाव से चार दिन पहले नेतृत्व की घोषणा हुई थी। ठीक इसी तरह 2007 में साठ उम्मीदवारों की सूची जारी होने के बाद नेतृत्व की घोषणा हुई।
पूर्व मुख्यमंत्री ने उम्मीदवारों की सूची जारी होने के बारे में कि सबका प्रयास रहेगा कि शीघ्र उम्मीदवारों की सूचना दे दी जाए। कहा कि प्रदेश की 68 की 68 विधानसभा सीटों में कोई ऐसी सीट नहीं हैं, जहां हम जीते न हों। दलित स्वाभिमान सम्मेलन प्रदेश के सभी 68 विस क्षेत्रों में किए जा रहे हैं।
हर सम्मेलन में पहले हुए सम्मेलन से ज्यादा लोग पार्टी में शामिल हो रहे हैं, उससे स्पष्ट है कि साठ से ज्यादा सीटें भाजपा की होंगी। इस अवसर पर पूर्व विधायक बलदेव शर्मा, डा. सिकंदर, नितिन कुमार, अंकुश दत्त शर्मा, संदेश कुमार, राम रतन और कुलदीप ठाकुर आदि उपस्थित रहे।