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गैंगरेप पर धूमल बोले- लोगों की शंकाएं सही या सीएम की धारणा गलत

Sat, 15 Jul 2017 08:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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कोटखाई के गुड़िया प्रकरण पर विपक्ष ने तेवर तीखे कर लिए हैं। नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल ने कहा कि सरकार का मामला सीबीआई को सौंपने का फैसला साबित कर रहा है कि पुलिस जांच को लेकर लोगों का संदेह सही था। मुख्यमंत्री की पुलिस को सक्षम बताने की धारणा गलत साबित हुई है।
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कहा कि हाल ही में फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह सहित कई ऐसे मामले हुए हैं, जिनकी जांच भी सीबीआई से होनी चाहिए। पुलिस जांच में लापरवाही के सवाल पर धूमल बोले- पुलिस तो ठीक काम करती है, लेकिन जब पुलिस के काम में हस्तक्षेप होता है तो जांच प्रभावित होती है। उन्होंने गिरफ्तारी से पहले चार लोगों के फोटो सोशल मीडिया पर सर्कुलेट होने पर भी सवाल उठाए।

ऐसी स्थिति में सरकार को बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। नेताप्रतिपक्ष के आवास पर शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में धूमल ने कहा कि कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। होशियार सिंह की मौत के बाद शिमला जिले में हुए गुड़िया प्रकरण से साबित हुआ कि कानून का भय समाप्त हो गया है।
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गुड़िया के परिजन सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, जिसका भाजपा भी समर्थन कर रही थी। केवल यही मामला सीबीआई को देने योग्य नहीं है। होशियार सिंह का पेड़ पर उलटा लटकने होने का जवाब आज तक नहीं मिला।

कानून व्यवस्था पर नियंत्रण न होने के कारण काला अंब में गोलाबारूद, नाहन में हथियार, सबाथू में आतंकियों के समर्थन में दीवार लेखन, बंजार में आईएसआईएस के आतंकी खाबिद मोहम्मद का मिलना सरकार पर सवालिया निशान है।

अब सीबीआई से जांच के हैं क्या कारण
धूमल ने कहा कि कोटखाई की स्थानीय जनता के साथ पूरे प्रदेश में सीबीआई जांच की मांग उठ रही थी, लेकिन सरकार पुलिस और एसआईटी जांच से आगे नहीं बढ़ी। अपराध को सुलझाने के लिए जनता का दबाव था या फिर सीएम का अनुमान गलत था। क्या कारण रहे कि अब उन्होंने सीबीआई जांच के आदेश दिए।

26 जुलाई को कारगिल दिवस
कारगिल दिवस पर 26 जुलाई को भाजपा प्रदेश भर में कार्यक्रम करेगी। पूर्व सीएम धूमल ने बताया कि कारगिल शहीदों के सम्मान में विजय दिवस मनाया जाएगा। भूतपूर्व सैनिक की ओर से यह कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें भाजपा की सहभागिता रहेगा।

मुआवजे की होनी चाहिए जांच
एक शहीद के परिवार को डेढ़ लाख रुपये मुआवजा दिए जाने से उसके परिजनों का सड़कों पर उतरने को धूमल ने चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि हर शहीद के सम्मान में एक बराबर आर्थिक मदद देनी चाहिए। शहीद के परिवार को कैसे कम मुआवजा मिला है इसकी जांच होनी चाहिए।
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