धर्मशाला में भाजपा के महा संपर्क अभियान के शुभारंभ के लिए कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करने पहुंचे नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कथित गैंगरेप मामले में प्रदेश सरकार से सीबीआई जांच की मांग की है।
उन्होंने कहा कि सरकार की विश्वसनीयता के लिए भी इस मामले में निष्पक्ष जांच जरूरी है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने शिकायतकर्ता के उपलब्ध न होने पर हैरानी जताई।
उन्होंने कहा कि जब शिकायतकर्ता ही उपलब्ध नहीं होगा तो जांच का निष्कर्ष कैसे निकलेगा। अमर उजाला ने खोजी रिपोर्टिंग कर कथित गैंगरेप मामले में खुलासा किया था कि शिकायतकर्ता न तो पुलिस कस्टडी में है, न तो अपने मायके में और न ही अपने ससुराल में।
इस रिपोर्टिंग के आधार पर धूमल ने सरकार और पुलिस की मंशा पर सवाल उठाए। इस अवसर पर धूमल ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर भी निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि कथित गैंगरेप मामले की जांच के बीच मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का बयान आना निंदनीय है। बयान देने से पहले सीएम को एसआईटी रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए था। इस तरह के बयानों से निष्पक्ष निष्कर्ष की अपेक्षा कम रहती है।
उन्होंने कहा कि अगर घटना हुई है तो निंदनीय है और अगर नहीं हुई है तो दुष्प्रचार फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार अंतर्विरोध की सरकार है।
बयानों को लेकर मुख्यमंत्री और मंत्रियों के बीच अंतर्विरोध चल रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसान की भूमि नहीं बल्कि अपनी राजनीतिक भूमि बचाने के लिए भूमि अधिग्रहण बिल का विरोध कर रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए राजनीति साधन नहीं बल्कि जनता की सेवा करना है। उन्होंने केंद्र में मोदी सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल को उपलब्धियों से भरा बताया।