पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने कहा है कि सरकार में अस्थिरता मंत्रिमंडल की बैठक में मंत्रियों के आपसी झगड़ों से हो रही है।
उन्होंने कहा कि एक मंत्री दूसरे को कहता है कि तुम्हारे विभाग में बहुत भ्रष्टाचार है तो दूसरा उसके विभाग में ज्यादा भ्रष्टाचार होने की बात करता है।
एक कांग्रेस मंत्री के हवाले से धूमल पर सरकार में अस्थिरता फैलाने को लेकर लगाए आरोपों पर पलटवार करते प्रेस बयान जारी किया है। धूमल ने कहा कि हमारा अनुमान था कि लोकसभा चुनाव में बुरी तरह हार के बाद नैतिकता के आधार पर कांग्रेस सरकार त्यागपत्र देगी, लेकिन इनमें नैतिकता होती तो त्यागपत्र देते।
प्रदेश में खनन, भू-माफिया, शराब माफिया निरंकुश होकर काम कर रहा है। भारी वर्षा और बाढ़ से भयंकर नुकसान झेलने वाले आम नागरिकों को मकान निर्माण, पशुशाला निर्माण और रास्तों के निर्माण के लिए खनन सामग्री उपलब्ध नहीं हो रही है।
इसके विपरीत सीमांत जिलों में रेत-बजरी का दिन रात अवैध खनन जोरों पर है। उसकी तस्करी पड़ोसी राज्यों को राजनीतिक संरक्षण के चलते बेधड़क की जा रही है। कर्मचारियों को समय पर वेतन भत्ते नहीं मिल रहे।
सरकार के मंत्री ही भ्रष्टाचार की जांच की मांग कर रहे हैं। विकास कार्य ठप पड़े हैं, तबादलों से कर्मचारियों में अस्थिरता है।