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'बेरोजगारों को भत्ता नहीं, छात्रों को वर्दी देना भी भूल गई सरकार'

Tue, 28 Jun 2016 12:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को एक बार फिर निशाने पर लिया है। पूर्व सीएम ने कहा कि सीएम वीरभद्र की यह बात सत्य है कि वह ज्योतिषी नहीं हैं।
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लेकिन वह भूल रहे हैं कि उनके नेतृत्व की पूर्व कांग्रेस सरकारों का इतिहास, वर्तमान सरकार के कार्यकाल का घटनाक्रम और मुख्यमंत्री की अंधाधुंध बजट घोषणाओं से कोई भी राजनीतिक समझ रखने वाला कार्यकर्ता आसानी से पूर्वानुमान लगा सकता है कि मुख्यमंत्री समय से पूर्व हिमाचल में चुनाव करवाना चाहते हैं।

कहा कि कांग्रेस के चुनावी वायदे के अनुसार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता नहीं मिला है। विद्यार्थी वर्दी को तरस रहे हैं। कर्मचारी 4-9-14 के वित्तीय लाभों की प्रतीक्षा में हैं। पेंशनरों और कर्मचारियों को डीए किस्त महीनों से नहीं मिली है। किसान-बागवान योजनाओं से लाभ पाने से वंचित हैं। सड़कों की मरम्मत को सरकार के पास पैसा नहीं है। आम आदमी सस्ते राशन के लिए डिपुओं के चक्कर काट रहा है।
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वोट की खातिर शैक्षणिक स्तर गिरा रही सरकार

पूर्व सीएम ने कहा कि वोट की खातिर प्रदेश के शैक्षणिक स्तर को गिराया जा रहा है। हिमाचल में 350 से ज्यादा स्कूलों का परिणाम 20 प्रतिशत से नीचे है। शिक्षा मंत्री होने के नाते मुख्यमंत्री का दायित्व था कि वे प्रदेश में गुणात्मक शिक्षा पर जोर देते।

भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवारों के मामले में कहा कि यह गर्व की बात है कि भाजपा एक लोकतांत्रिक और जीवंत पार्टी है। इसमें सभी को अपनी योग्यतानुसार किसी भी पद पर दावा करने का अधिकार है।

दूसरे दल पर टिप्पणी करने से पूर्व सीएम को अपनी पार्टी के भीतर भी देखना चाहिए कि उनकी कुर्सी पर आंख गड़ाए कितने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बैठे हैं। मंत्रियों की अनुपस्थिति पर शिला पट्टिका से नाम हटाने के मामले पर धूमल ने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के हिमाचल दौरे के दौरान मुख्यमंत्री केवल सोलन में उपस्थित थे।

अन्य स्थानों पर उनकी अनुपस्थिति के बावजूद शिला पट्टिकाओं में उनका नाम था। क्या मुख्यमंत्री स्वयं पट्टिकाओं से अपना नाम हटाने की पहल करेंगे?

Published By Ashok Chauhan
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