पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को एक बार फिर निशाने पर लिया है। पूर्व सीएम ने कहा कि सीएम वीरभद्र की यह बात सत्य है कि वह ज्योतिषी नहीं हैं।
लेकिन वह भूल रहे हैं कि उनके नेतृत्व की पूर्व कांग्रेस सरकारों का इतिहास, वर्तमान सरकार के कार्यकाल का घटनाक्रम और मुख्यमंत्री की अंधाधुंध बजट घोषणाओं से कोई भी राजनीतिक समझ रखने वाला कार्यकर्ता आसानी से पूर्वानुमान लगा सकता है कि मुख्यमंत्री समय से पूर्व हिमाचल में चुनाव करवाना चाहते हैं।
कहा कि कांग्रेस के चुनावी वायदे के अनुसार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता नहीं मिला है। विद्यार्थी वर्दी को तरस रहे हैं। कर्मचारी 4-9-14 के वित्तीय लाभों की प्रतीक्षा में हैं। पेंशनरों और कर्मचारियों को डीए किस्त महीनों से नहीं मिली है। किसान-बागवान योजनाओं से लाभ पाने से वंचित हैं। सड़कों की मरम्मत को सरकार के पास पैसा नहीं है। आम आदमी सस्ते राशन के लिए डिपुओं के चक्कर काट रहा है।