हिमाचल में अवैध निर्माण को नियमित करवाने के लिए राजनीतिक दलों में श्रेय लेने की होड़ मच गई है। पहले भाजपा विधायक सुरेश भारद्वाज, शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा और अब नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने राज्यपाल से मुलाकात कर अवैध भवनों को नियमित कराने की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष के साथ स्थानीय विधायक सुरेश भारद्वाज और विधायक रणधीर शर्मा भी थे। धूमल ने राज्यपाल को बताया कि विधानसभा ने मानसून सत्र में नगर एवं ग्राम नियोजन विधेयक पास किया गया है। इसे मंजूरी के लिए राजभवन भेजा है।
कहा कि प्रदेश में वर्ष 1977 में बने नगर एवं ग्राम नियोजन विधेयक का कार्यान्वयन नहीं हुआ है। आम जनता ने शहरों के नजदीक विशेषकर शिमला से सटे क्षेत्रों में मकान बनाए हैं, जिस पर उन्होंने अपने सारे जीवन की पूंजी खर्च की है।
गत कई वर्षों से ये लोग अपने मकानों के नियमितीकरण की राह देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिकतर निर्माण कर्ता प्रदेश के निम्न तथा मध्यम श्रेणी के लोग हैं, जिन्होंने सरकारी भूमि का अतिक्रमण नहीं किया है। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि जन सुविधाओं को ध्यान में रखकर उचित निर्णय लिया जाएगा।