पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि हरियाणा की तर्ज पर हिमाचल में भी कांग्रेस के एसोसिएट विधायकों की सदस्यता संदेह के घेरे में है। चूंकि निर्दलीय चुनाव जीतने के बावजूद इन्होंने लोस चुनाव में कांग्रेस का प्रचार किया है। इन्होंने स्वयं लिखित रूप से एसोसिएट सदस्य की घोषणा की है।
भाजपा ने विधानसभा अध्यक्ष के पास इस मामले की तथ्यों सहित शिकायत की है। उन्हें उम्मीद है कि विस अध्यक्ष इस पर जल्द कोई फैसला लेंगे। वहीं, उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कानून-व्यवस्था चरमरा गई है। आम जनता राज्य में शासन और प्रशासन ढूंढ रही है, जो कहीं नजर नहीं आ रहा।
लोग हादसों में अनमोल जानें गंवा रहे हैं, लेकिन सरकार और उसके अधिकारी सड़कों की हालत सुधारने के बजाय सोये हुए हैं। हरियाणा से चुनाव प्रचार कर लौटे धूमल ने शुक्रवार को यहां आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि यह पहला मौका है जब भाजपा हरियाणा में सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।
लोगों के जोश को देख कर लगता है कि इस बार भाजपा हरियाणा में बहुमत से सरकार बनाएगी। हरियाणा की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास चाहती है। कांग्रेस ने हिमाचल ऑन सेल का नारा देकर 2012 का विस चुनाव लड़ा, लेकिन सही मायने में सरकारी जमीनों की खरीद फरोख्त अब शुरू हुई है।
धारा 118 में पांच बार संशोधन हुआ, वह कांग्रेस ने ही किया। प्रदेश में त्योहारी सीजन के बावजूद सरकार ने 100 ग्राम चीनी का कोटा बढ़ाने की मांग की है। उस पर चीनी भी महंगी कर दी गई है। इस मौके पर भाजपा नेता बलवीर बग्गा, संतोष सैनी, राजीव भनोट, पुनीत मेहन, जसपाल जस्सी, मदन पुरी, ओंकार नाथ, सतपाल सैणी, गगन ओहरी आदि मौजूद रहे।