धर्मशाला में प्रेस वार्ता करते नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व सीएम प्रो. प्रेम कुमार धूमल।
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नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व सीएम प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने सीएम पर ईडी की कार्रवाई के सवाल पर कहा कि 31 मार्च और 1 अप्रैल को संगठन की बैठक में इस पर निर्णय लिया जाएगा कि आगे क्या करना है। पत्रकारों से बातचीत में धूमल ने प्रदेश में उत्तराखंड की तर्ज पर सरकार पर संकट के सवाल पर कहा कि अभी बातें भविष्य की गर्त में हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष के कड़े निर्देश हैं कि पार्टी के खिलाफ काम करने वालों को सहन नहीं किया जाएगा।
धूमल ने कहा कि नगर निगम धर्मशाला का चुनाव एक नहीं बल्कि कई मुद्दों पर लड़ा जाएगा। इसमें भारत पाकिस्तान मैच भी मुद्दा है। सीएम अब कह रहे हैं कि उन्होंने मैच का विरोध नहीं किया। अगर विरोध नहीं किया तो हिमाचल सरकार की ओर से केंद्र सरकार को सुरक्षा नहीं देने को लेकर दो पत्र किसने लिखे। सवाल मैच का नहीं बल्कि लोगों के रोजगार से जुड़ा है।
धूमल ने सीयू पर फोड़ा लेटर बम
धर्मशाला नगर निगम चुनाव के अंतिम दिन वार्ड नंबर 11 में भाजपा की बैठक में पहुंचे पूर्व सीएम प्रो. प्रेम कुमार धूमल।
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मैच नहीं होने से धर्मशाला में होटल, रेहड़ी फड़ी, चाय-ढाबे की दुकानों और टैक्सी कारोबारियों को नुकसान हुआ। धूमल ने बिना नाम लिए मनकोटिया और सुधीर शर्मा पर भी निशाना साधा। धूमल ने कहा कि पूर्व मंत्री किशन कपूर ने कुछ दिन पहले सीएम के सीयू पर लिखित पत्र का खुलासा किया था लेकिन सीएम उससे मुकर गए थे और केस करने की धमकी दी थी।
आज हमारे पास सीएम की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री जयंती नटराज को लिखा एक और पत्र है। इसमें सीएम के हस्ताक्षर और सरकारी लोगो है। 24 जनवरी 2013 को सीएम की ओर से केंद्रीय मंत्री को लिखे पत्र में जिक्र है कि सरकार ने देहरा में केंद्रीय
विश्वविद्यालय के लिए 317 हेक्टेयर और धर्मशाला में 62 हेक्टेयर भूमि चयनित कर दी है। इसमें सीएम ने लिखा है कि आपके सहयोग से अगले 50 दिन में दो जगह सीयू का शिलान्यास होगा। इस पत्र पर भी क्या सीएम मुकर जाएंगे।