हिमाचल प्रदेश भाजपा के ध्रुवों को मिलाने की मशक्कत चल रही है। शांता और धूमल के गुटों की दूरियां कम करने की कोशिश की जा रही है। वीरभद्र सरकार को घेरने के लिए यह रणनीति बनाई जा रही है, जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मिशन के तहत 2017 विधानसभा चुनाव में प्रदेश से कांग्रेस को पूरी तरह सफाया किया जा सके। भाजपा के इस मकसद की कामयाबी के लिए प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा की ओर से जमीन तैयार की जा रही है। प्रदेश में कोई भी गुट न बने। केवल एक गुट भाजपा हो।
इस उद्देश्य से प्रदेश का हर भाजपा नेता काम करे। कोई भी नेता खुद को पार्टी से ऊपर न समझे। शर्मा ने प्रदेश के नेताओं को स्पष्ट संकेत दिए हैं कि नरेंद्र मोदी के मकसद और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के उद्देश्य से साफ तौर पर प्रदेश के नेताओं को अवगत करा दिया है। यह भी कहा है कि कोई भी नेता किसी के खिलाफ न तो बयानबाजी करेगा और न ही अंदरखाते किसी प्रकार की साजिश रची जाएगी।