प्रीति की साइकिल रेस बीआरओ को समर्पित थी। ऐसे में उनकी साइकिल के साथ बीआरओ के जवानों की एक गाड़ी भी साथ थी। प्रीति ने लेह से मनाली की दूरी को तय करने के लिए 60 घंटे का लक्ष्य रखा गया था।
पुणे की दो बच्चों की मां 45 वर्षीय प्रीति ने लेह-मनाली मार्ग के सफर को साइकिल पर 55 घंटे में पूरा किया। वह लेह से रवाना होते हुए शुक्रवार दोपहर 1:15 बजे साइकिल से मनाली के बाहंग पहुंचीं। जहां पर सीमा सड़क संगठन के कमांडर कर्नल शबरीश वाचली ने उनका स्वागत किया। प्रीति की साइकिल रेस बीआरओ को समर्पित थी। ऐसे में उनकी साइकिल के साथ बीआरओ के जवानों की एक गाड़ी भी साथ थी। प्रीति ने लेह से मनाली की दूरी को तय करने के लिए 60 घंटे का लक्ष्य रखा गया था।
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उन्होंने इस सफर को तय समय से पांच घंटे पहले 55 घंटे में पूरा कर दिया है और उनकी यह रेस गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज होगी। प्रीति ने नॉनस्टॉप हाई एल्टीट्यूड अभियान में इस सफर को पूरा किया है। वह लेह से 22 जून को चली थीं और लेह के ऊपसी, लाचुंगला दर्रा, नाकीला, बारालाचा दर्रा, सरचू, दारचा और अटल टनल रोहतांग होते हुए मनाली पहुंची है। सड़क सीमा संगठन के कमांडर कर्नल शबरीश वाचली ने कहा कि मनाली पहुंचने पर साइकिलिस्ट प्रीति को मनाली में स्वागत किया गया है। उन्होंने 427 किलोमीटर लंबी दूरी को 55 घंटे में पूरा किया है।