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डिलीवरी से पहले गर्भवती महिला और बच्चे की मौत, अस्पताल में हंगामा

Fri, 06 May 2016 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला

सार

 
  • दो मई को अस्पताल में भर्ती हुई थी महिला, बुधवार को उठा था तेज दर्द
  • सुबह के समय फिर बिगड़ी गर्भवती महिला की तबीयत, चार बजे हो गई मौत
  • परिजनों का आरोप ; रात भर दर्द से तड़पती रही, इलाज को लेकर बरती लापरवाही
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परिजनों का कहना है कि इसके बाद भी महिला लगातार दर्द से तड़पती रही लेकिन डॉक्टरों ने सुध नहीं ली। सुबह करीब चार बजे महिला की मौत हो गई। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शिमला के डीडीयू अस्पताल में डिलीवरी के लिए आई गर्भवती महिला की मौत हो गई हैं। समय पर इलाज न मिलने के कारण महिला के पेट में बच्चे की भी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सकों और स्टाफ की लापरवाही की दोनों की मौत हो गई।
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इधर, परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर दी है। महिला और बच्चे की मौत के बाद अस्पताल में खूब हंगामा हुआ। सुबह घटना का पता चलते ही किसान सभा के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए और परिजनों के पक्ष में हंगामा कर दिया।

ठियोग के काच्छट गांव की रहने वाली सविता (22) दो मई को अस्पताल में भर्ती हुई थी। बताया जा रहा है कि बुधवार को गर्भवती महिला को दर्द शुरू हो गया। महिला को कई मर्तबा लेबर रूम ले जाया गया।
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लेकिन डिलीवरी न होने के कारण महिला को रात दस बजे वापस मेटरनिटि वार्ड भेज दिया गया। परिजनों का कहना है कि इसके बाद भी महिला लगातार दर्द से तड़पती रही लेकिन डॉक्टरों ने सुध नहीं ली। सुबह करीब चार बजे महिला की मौत हो गई।

समय पर मिलता उपचार तो बच जाती सविता की जान

परिजनों ने आरोप लगाया है कि मौत के लिए डॉक्टरों की लापरवाही जिम्मेदार है। - फोटो : अमर उजाला
परिजनों ने आरोप लगाया है कि मौत के लिए डॉक्टरों की लापरवाही जिम्मेदार है। समय रहते उसे उपचार मिलता तो दोनों की जान बच जाती। महिला की मौत के बाद उन्हें नहीं बताया गया कि मौत कैसे हुई।

एक साल पहले हुआ था विवाह
गर्भवती के पिता ने बताया कि बेटी ने उन्हें फोन पर बताया था कि उसकी तबीयत खराब है और अस्पताल में भर्ती है। पिता के अनुसार उन्होंने वीरवार सुबह फिर से हालचाल जानने के लिए फोन किया तो बेटी की मौत का पता चला। बेटी की शादी को एक साल भी नही हुआ है। जुलाई में विवाह को एक साल पूरा होना था।  

पोस्टमार्टम के बाद होगा खुलासा
अस्पताल में गर्भवती महिला की मौत की सूचना पुलिस को मिली है। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पोस्टमार्टम होने के बाद मौत के असली कारणों पता चल पाएगा।- भजन देव नेगी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक

चुपचाप सो जाओ, परेशान मत करो
गर्भवती महिला के परिजनों ने बताया कि दो मई को अस्पताल आए थे। सास ने बताया कि बुधवार रात को उनकी बहू को अचानक तेज दर्द शुरू हो गया। पहले उसे लेबर रूम ले जाया गया, इसके बाद उसे वापस वार्ड में शिफ्ट कर दिया। आरोप हैं कि इस दौरान बहू को डराया गया। कहा ...चुपचाप सो जाओ और परेशान मत करो।
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अस्पताल दे रहा ये सफाई

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रंजना राव ने कहा कि अस्पताल को राजनीति का अखाड़ा न बनाया जाए। - फोटो : अमर उजाला
अस्पताल को राजनीति का अखाड़ा न बनाएं
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रंजना राव ने कहा कि अस्पताल को राजनीति का अखाड़ा न बनाया जाए। लोग अस्पताल में आकर राजनीति कर रहे हैं वह गलत है।

ये भी पहुंचे अस्पताल
हिमाचल किसान सभा के राज्य अध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह तंवर, समाज सेविका सीमा शर्मा इस दौरान मौजूद रहे। डॉ. तंवर ने कहा कि इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी मौके पर कोई प्रशासनिक अधिकारी नहीं था।

'गर्भवती महिला को साढ़े दस बजे वार्ड भेज दिया था। उसकी हालत ठीक थी। रात को ऑन कॉल गायनाकोलॉजिस्ट किसी पेशेंट को देखने आए थे। उन्होंने भी उसका चेकअप किया। रात ढाई बजे के करीब महिला ने वार्ड में खाना खाया था। सुबह महिला की हालत अचानक खराब हो गई। डॉक्टरों ने साढ़े पांच बजे के करीब महिला को मृत घोषित कर दिया।' - डा. रंजना राव, - मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला शिमला।
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