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सत्तापक्ष और विपक्ष ने लगाए एक दूसरे पर कई आरोप, जानिए किसने क्या कहा

Fri, 12 Jan 2018 10:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, तपोवन (धर्मशाला)
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शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन तपोवन के सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई। कांगड़ा जिले के नूरपुर विस क्षेत्र के विधायक एवं सत्ता पक्ष के सदस्य राकेश पठानिया ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया। 

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इस दौरान पठानिया ने पूर्व कांग्रेस सरकार को कई मुद्दों पर जमकर घेरा। पठानिया ने पूर्व सरकार पर हिमाचल की वित्तीय स्थिति को आईसीयू में पहुंचाने का आरोप जड़ा। उन्होंने राज्य की खराब स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर खनन तक पूर्व सरकार पर हमला बोला। 

पठानिया ने कहा कि पूर्व सरकार ने सरकारी खजाना लूट लिया। पूर्व सरकार ने आर्थिक प्रबंधन से वित्तीय हालत खराब कर दी। पूर्व सरकार बिना बजट के संस्थान खोल रही थी। बिना सोचे समझे शिलान्यास हो रहे थे। उसके परिणामस्वरूप प्रदेश भारी आर्थिक संकट में आ गया। 
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पठानिया ने कहा कि मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे थे लेकिन पुराने आईजीएमसी शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेज में स्टाफ नहीं है। आईजीएमसी में 2024 में से 763 पद खाली हैं। टांडा में 1301 पदों में से करीब 500 पद खाली हैं। 

उनका कहना था कि जब इन संस्थानों में ही पूरा स्टाफ नहीं है तो कैसे अन्य मेडिकल कॉलेज चलेंगे। टांडा में तो हालात इतने खराब हैं कि वहां शौचालयों में भारी गंदगी है। मरीजों को दिए जाने वाले मास्क में छेद हैं। कैंसर अस्पताल में असुविधाएं हैं। 

लेकिन पूर्व कांग्रेस सरकार को इसकी चिंता नहीं थी। कांग्रेस ने तो अस्पतालों में निजी लैब खुलवाकर लोगों को लूटा। एक टेस्ट के साथ कई और गैर जरूरी टेस्ट करवाए जाते रहे। पठानिया ने राज्य में अवैध खनन पर भी पूर्व सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि रात के अंधेरे में खनन हो रहा है। 

स्टोन क्रशर में बिजली चोरी हो रही है। कई स्थानों पर जमीन में अंदर जेनरेटर लगाए हैं और रात को खनन किया जाता है। इसमें किसकी मिलीभगत है, यह सामने आना चाहिए। उन्होंने आईपीएच विभाग को भी घेरा।

राकेश पठानिया ने कहा कि सीएम जयराम ठाकुर की सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पर ध्यान दिया है। पहली कैबिनेट बैठक में बुजुर्गों की पेंशन के लिए आयु सीमा को घटाकर अहम कदम उठाया है। शराब को लेकर पूर्व सरकार की नीति को भी निरस्त किया है। यह अच्छा कदम उठाया है।

राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का अनुसमर्थन करते हुए भाजपा सदस्य कर्नल इंद्र सिंह ने कहा कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में न सड़कों की हालत ठीक रही, न स्वास्थ्य सेवाएं दुरुस्त थीं और न ही पीडीएस सिस्टम ठीक था। 

हमीरपुर से विधायक नरेंद्र ठाकुर ने पूर्व कांग्रेस सरकार के समय लिए गए 19 हजार रुपये से अधिक के ऋण का मामला उठाया।  किन्नौर से विधायक जगत सिंह नेगी ने शपथ ग्रहण समारोह के नाम पर बड़े पैमाने पर फिजूलखर्ची का आरोप लगाया।

माकपा सदस्य राकेश सिंघा ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए पांवटा में एक किसान कुंदन की मौत और गुड़िया मामले में अभी तक कोई ठोस कार्रवाई न होने का मुद्दा उठाया।

उन्होंने अतिक्रमण हटाने के नाम पर गरीबों से छीनी जा रही जमीन का मामला उठाते हुए कहा कि ऐसा महसूस हो रहा है कि संविधान में विधायिका की भूमिका धूमिल होती जा रही है और न्यायपालिका इसमें अतिक्रमण कर रही है।

सुजानपुर से विधायक राजेंद्र राणा ने उठाया ये सवाल

सुजानपुर से विधायक राजेंद्र राणा ने कहा कि सरकार ने राज्यपाल का अभिभाषण जल्दबाजी में तैयार किया है। उन्होंने कहा कि इसमें कोई विजन नहीं है। पहली बार चुनकर आए विधायक जेआर कटवाल ने जंगली जानवरों से कृषि और बागवानी पर आए संकट और बेरोजगारी की समस्या को प्रमुखता से उठाया।

निर्दलीय सदस्य होशियार सिंह ने कहा कि मुद्दों पर आधारित बात होनी चाहिए और जो ज्वलंत मुद्दे हैं, उन्हें उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज कांगड़ा जिला का सबसे ज्वलंत मुद्दा डैम विस्थापितों का है।

पूर्व विधायक के पिता के खाते में 45 लाख कैसे आए

अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कांग्रेस के हर्षवर्धन चौहान ने सरकार को सलाह दी कि वह अगले पांच साल के लिए अभी से कार्य करना आरंभ कर दे। चौहान ने यह कहते हुए अभिभाषण का विरोध किया कि ऐसा लगा कि सरकार के पास अभिभाषण में लिखने के लिए कुछ नहीं था।

उन्होंने शिलाई के पूर्व विधायक की विधायक निधि से 45 लाख उनके पिता के खाते में ट्रांसफर होने का मामला उठाया। इस संबंध में उन्होंने कुछ कागजात भी सभा पटल पर रखे।

सिंघा ने उठाया एक किसान की मौत और गुड़िया मामला

राज्यपाल के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर माकपा सदस्य राकेश सिंघा ने पांवटा में एक किसान कुंदन की मौत और गुड़िया मामले में अभी तक कोई ठोस कार्रवाई न होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने राज्यपाल के अभिभाषण को धुंधला और जल्दबाजी में तैयार हुआ करार दिया।

सीपीएम विधायक ने सत्ता पक्ष के कामकाज पर सवाल खड़े किए, लेकिन वीरभद्र सरकार पर कोई बड़ा हमला नहीं किया। सिंघा बोले, अतिक्रमण हटाने के नाम पर गरीबों से जमीन छीनी जा रही है।

ऐसा महसूस हो रहा है कि संविधान में विधायिका की भूमिका धूमिल होती जा रही है और न्यायपालिका इसमें अतिक्रमण कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार ने पांच बीघा तक की भूमि के कब्जों को नियमित करने के लिए नीति बनाई। इसके बावजूद किसानों के बगीचों को काटा जा रहा है।

इससे बागवान खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसमें किसान और मजदूरों का कोई जिक्र नहीं है। प्रदेश सरकार साल भर में किसानों, बागवानों के लिए क्या करने की मंशा रखती है, इस दिशा में अभी तक कोई काम नहीं किया गया है।

इसके लिए क्या करना है, इस पर भी सरकार ने अपनी मंशा साफ नहीं की है। किसानों, बागवानों के बगीचे कट रहे हैं। सरकार इसे बचाना चाहती है या फिर नहीं। इस पर राज्य सरकार ने अपनी स्थिति साफ नहीं की है।

माकपा विधायक सिंघा 24 साल बाद दोबारा से सदन में पहुंचे हैं। इससे पहले राकेश सिंघा 1993 में शिमला विधानसभा से जीत कर विधानसभा पहुंचे थे, अब ठियोग विधानसभा से चुनाव जीत कर विधानसभा पहुंचे हैं।

अध्यक्ष ने तीन बार बढ़ाई सदन की बैठक

राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव में सत्ता पक्ष और विपक्ष के 14 सदस्यों ने अपना पक्ष रखा। चर्चा लंबी चलने से विधानसभा अध्यक्ष ने दूसरे सत्र की कार्यवाही तीन बार बढ़ाई।

स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार के संबोधन के दौरान शाम पांच बजे अध्यक्ष ने उन्हें रोककर सत्र का समय 5:20 बजे तक बढ़ाया। विपिन लगातार वीरभद्र सरकार को स्वास्थ्य क्षेत्र में घेर रहे थे। उनका संबोधन खत्म नहीं होने पर अध्यक्ष ने सत्र को 5:30 तक बढ़ा दिया।

इसके बाद विपिन परमार का संबोधन खत्म होने पर कार्यवाही साढ़े पांच बजे समाप्त कर शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। विधानसभा सदन के तीसरे दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के अलावा तीन पारित विधेयकों को सदन के पटल पर रखा।

हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय विधेयक 2017, हिमाचल प्रदेश विनियोग विधेयक 2017 और हिमाचल प्रदेश निरसन विधेयक 2017 सदन से पारित होने के बाद राज्यपाल की स्वीकृति मिल चुकी है। इसके अलावा मुख्यमंत्री जयराम ने चार पत्रावलियां सदन के पटल पर रखीं।

यह कर्मचारियों से संबंधित पत्रावलियां हैं। शुक्रवार को सदन की कार्रवाई राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी। दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री जयराम के लिए समय सुरक्षित रखा है।
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दो मंत्रियों ने दिया स्पष्टीकरण 

कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने सरकार में अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति एवं जनजाति की अनदेखी का आरोप लगाया। राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जगत सिंह नेगी ने सरकार को घेरने के लिए आरोप लगाए। इसका उत्तर मंत्री किशन कपूर ने दिया।

उन्होंने कहा कि जयराम सरकार में अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति एवं जनजाति का पूरा ख्याल रखा है। ओबीसी से सरवीण चौधरी विधायक हैं, अनुसूचित जाति एवं जनजाति से चार लोगों को प्रतिनिधित्व दिया है। डॉ. राजीव सहजल मंत्री बने, जबकि हंसराज डिप्टी स्पीकर।

जनजातीय क्षेत्र से डा. रामलाल मारकंडा और किशन कपूर मंत्री हैं। उन्होंने सदन में विपक्ष को मिथ्या आरोप लगाने वाला बताया। आईपीएच मंत्री ने भी विपक्ष के पेयजल और सिंचाई स्कीमों पर उठाए सवालों पर स्थिति साफ की। महेंद्र ठाकुर ने कहा कि जब पूर्व सरकार ने केंद्र को भेजे प्रपोजल ही सही नहीं बनाए, तो उनको मंजूरी कैसे मिलेगी। 

दो अध्यादेशों का हुआ प्रख्यापन
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश सार्वजनिक धार्मिक संस्था और पूर्त विन्यास (संशोधन) अध्यादेश 2017 और उद्योग मंत्री विक्रम सिंह ने हिमाचल प्रदेश एक खिड़की (विनिधान, संवर्धन और सरलीकरण अध्यादेश) 2017 को पटल पर रखा। 

शीतकालीन प्रवास की तैयारी शुरू
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर प्रदेश में शीतकालीन प्रवास की परंपरा का अनुसरण कर सकते हैं। मुख्यमंत्री इस माह के आखिरी सप्ताह में शीतकालीन प्रवास पर धर्मशाला आ सकते हैं। हालांकि अभी इसकी अधिकारिक सूचना जारी नहीं हुई है, लेकिन रूपरेखा तैयार की जा रही है।
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