कोर्ट ने हालांकि केंद्र सरकार व प्रवर्तन निदेशालय की उस दलील को खारिज कर दिया कि संपत्ति जब्त करने संबंधी कारण की जानकारी आरोपी को देना कानूनी रूप से अनिवार्य नहीं है।
कोर्ट ने कहा-एजेंसी को यह बताना होगा कि इस कार्रवाई के पीछे कारण व उसे ऐसा विश्वास क्यों है कि ऐसा न करने से जांच प्रभावित होगी। हाईकोर्ट ने 19 याचिकाएं सुनवाई योग्य हैं या नहीं, इस मुद्दे पर सुनवाई के लिए छह फरवरी की तारीख तय की है।
सिंगल जज के समक्ष इस मुद्दे पर सुनवाई होगी। वीरभद्र सिंह के परिजनों ने याचिका दायर कर कहा था कि एजेंसी ने वीरभद्र सिंह व उनकी पत्नी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने से पहले ही उनकी कई संपत्ति जब्त कर ली थीं।