खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम की ओर से मनरेगा कार्यों के लिए जारी सरकारी सीमेंट घटिया निकला है। इसमें मिट्टी और रेत मिलाया गया है। यह सीमेंट सात जल संग्रहण टैंकों के लिए जारी हुआ है। निर्माण के दौरान जैसे ही सीमेंट के घटिया होने का पता चला तो तुरंत काम रोकना पड़ा।
पंचायत प्रधान की शिकायत के बाद निगम ने एसीसी सीमेंट कंपनी बरमाणा के अधिकारियों से मामला उठाया है। कंपनी जल्द ही सीमेंट के सैंपल लेगी। बता दें कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम प्रदेश भर में जारी मनरेगा कार्यों के लिए सीमेंट सप्लाई करता है। प्रदेश के सरकारी सीमेंट में बड़ा गड़बड़झाला सामने आने का अंदेशा है। यह जांच का विषय है कि सीमेंट में मिलावट किसने की है।
उपमंडल भोरंज की नंधन पंचायत के कसियाना निवासी मनोज कुमार ने बताया कि वह मनरेगा के तहत जल संग्रहण टैंक का निर्माण करवा रहे थे। नागरिक आपूर्ति निगम ने सीमेंट के 68 बैग दिए थे। अभी आधे से कम लैंटर डाला था कि मिस्त्री ने बताया कि सीमेंट में गड़बड़ी है। रेत-बजरी में पकड़ नहीं आ रही है। अगर टैंक बनाया तो गिर जाएगा।
इसके बाद काम अधूरा छोड़ दिया गया। मनोज ने जब दूसरे सीमेंट बैग खोले तो देखा कि इसमें मिट्टी और बारीक रेत मिलाई थी। पंचायत प्रधान ने जांच के बाद बीडीओ और सिविल सप्लाई निगम को इसकी शिकायत की। विभाग ने बरमाणा स्थित सीमेंट कंपनी के अधिकारियों को सूचना दी और सीमेंट बैग की जांच करने को कहा। प्रधान ईश्वरी देवी ने कहा कि पंचायत में कुल सात लोगों को जल संग्रहण टैंक के लिए यह सरकारी सीमेंट मिला है।
नागरिक आपूर्ति विभाग पट्टा के गोदाम प्रभारी सन्नी कुबेर ने कहा कि उन्हें घटिया सीमेंट की शिकायत मिली है। कंपनी के अधिकारी जल्द सैंपल लेंगे। बीडीओ भोरंज कीर्ति चंदेल ने कहा कि वह बाहर हैं। शिकायत की जांच करवाएंगे। पंचायतों में सीमेंट की सप्लाई खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम करता है।