हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के संगठन में बदलाव की मांग को लेकर 10 विधायकों ने दिल्ली में डेरा डाल दिया है। सुखविंद्र सिंह सुक्खू के पक्ष में मिले इन विधायकों ने कांग्रेस पार्टी के प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला से मुलाकात कर प्रदेश की राजनीति गरमा दी है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू के दिल्ली में हुए इस शक्ति प्रदर्शन से पार्टी के दूसरे धड़े के नेताओं की धड़कने तेज हो गई हैं।
सूत्रों ने बताया कि पार्टी प्रभारी राजीव शुक्ला से मुलाकात में विधायकों ने विधानसभा चुनावों से पहले संगठन में बड़े बदलाव करने की वकालत की। विधायकों ने जल्द से जल्द संगठन को मजबूत करने के लिए बदलाव करने की मांग उठाते हुए सुक्खू को नेता विपक्ष या प्रदेश अध्यक्ष बनाने की पैरवी की।
जुब्बल-कोटखाई से रोहित ठाकुर, अर्की से संजय अवस्थी समेत कांगड़ा, शिमला, सोलन और कुल्लू जिला से कई विधायक राजीव शुक्ला से मिले। सुक्खू गुट के इन विधायकों की कदमताल से प्रदेश में कांग्रेस की राजनीति में उबाल आ गया है। दूसरे धड़ों के विधायक और नेता भी दिन भी ये जानने में जुटे रहें कि कौन-कौन विधायक राजीव शुक्ला से मिले हैं।
बीते दिनों में दिल्ली में ऑपरेशन करवाने के बाद से सुक्खू वहीं स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। उधर, बुधवार से नाहन में कांग्रेस का चार दिवसीय ट्रेनिंग कैंप शुरू हुआ। इसका शुभारंभ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने किया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर, पूर्व सांसद चंद्र कुमार, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर, अजय महाजन, प्रकाश चौधरी और नीरज नैय्यर सहित कई अन्य नेता मौजूद रहे।
कांगड़ा को बड़ा पद देना कांग्रेस की मजबूरी
प्रदेश कांग्रेस का संगठनात्मक ढांचा मजबूत करने के दौरान कांगड़ा जिला की अनदेखी करना पार्टी पर भारी पड़ सकता है। प्रदेश की सत्ता का रास्ता सबसे बड़े जिला कांगड़ा से होकर जाता है। कांगड़ा से किसी नेता की संगठन के बड़े पद पर ताजपोशी ना होने से पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है। ऐसे में कांगड़ा जिला को पार्टी में बड़ा पद देना मजबूरी भी बन गया है।
रामलाल ठाकुर ने सोनिया गांधी से की मुलाकात
कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर ने कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। रामलाल ठाकुर ने बताया कि इस दौरान वर्ष 2022 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश कांग्रेस की भावी चुनावी रणनीति और संगठनात्मक मजबूती को लेकर चर्चा की गई।