सोशल मीडिया पर सियासी महाभारत शुरू करने वाले कांग्रेस विधायक राजेंद्र राणा का कहना है लोकतंत्र में किसी को भी अपने विचार अभिव्यक्त करने का अधिकार है। मैं उम्र के उस पड़ाव की ओर बढ़ रहा हूं कि चंद वर्ष बाद वरिष्ठ नागरिक बन जाऊंगा। अपने 57 वर्ष की आयु के अनुभव को सोशल मीडिया पर साझा किया है। उन्होंने कहा कि इंसान को विवादों से बचना चाहिए। लड़ाई समाज व इंसान का नुकसान करती है। इतिहास इंसान को बहुत कुछ सिखाता है।
महाभारत होने के कारणों का मैंने उल्लेख किया है। सुई की नोक के बराबर भी जमीन नहीं देने से महाभारत का युद्ध हुआ। राणा ने कहा कि सोशल मीडिया पर लिखी बातों को कोई राजनीतिक तौर पर देखता है तो मैं रोक नहीं सकता हूं। सुधीर शर्मा की टिप्पणी गलत नहीं है। उन्होंने भी शिक्षा देने का प्रयास किया है। राणा ने कहा कि प्रदेश सरकार अच्छा काम कर रही है। सभी वादों का पूरा कर रही है। समाज में प्रेम, भाईचारा और सद्भाव बनाए रखने के लिए मैंने संदेश दिया है।
भाजपा प्रवक्ता महेंद्र धर्माणी ने कहा है कि कांग्रेस की अंतर्कलह चरम पर है। जिस प्रकार से एक के बाद एक कांग्रेस नेता अपना दर्द जनता के समक्ष ला रहे हैं, उसे स्पष्ट है कि कांग्रेस एक विभाजित दल है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता पार्टी में घुटन महसूस कर रहे हैं। आज इसका एक और प्रत्यक्ष उदाहरण सामने आया है। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस नेता राजेंद्र राणा की फेसबुक पोस्ट और उस पर पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा का समर्थन यह स्पष्ट करता है कि राणा कांग्रेस में एक युद्ध का आगाज करने जा रहे हैं।
धर्माणी ने प्रेस बयान में कहा कि प्रदेश में व्यवस्था परिवर्तन वाली सरकार की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। मुख्यमंत्री सुक्खू के सामने आए दिन नई परेशानी खड़ी हो जाती है। इससे प्रदेश का विकास रुक गया है। राणा ने महाभारत का प्रसंग सुनाते हुए हिमाचल कांग्रेस में भी महाभारत की चर्चाओं को हवा दे दी है। उन्होंने लिखा- जो विवादों से दूर रहते हैं, वही दिलों पर राज करते हैं। जो विवादों में उलझ जाते हैं, वे अक्सर दिलों से भी उतर जाते हैं।
महाभारत का प्रसंग देखिए- पांडवों ने सिर्फ पांच गांव ही तो मांगे थे और दुर्योधन ने सुई की नोक के बराबर भी जमीन देने से इनकार कर दिया था। एक ज़िद ने महाभारत रच दिया। राणा की इसी पोस्ट पर मंत्री पद की दौड़ में शामिल विधायक सुधीर शर्मा ने भी कमेंट किया है। सुधीर ने लिखा- तुलसी नर का क्या बड़ा, समय बड़ा बलवान। भीलां लूटी गोपियां, वही अर्जुन वही बाण। यानी कि तुलसीदास कहते हैं- समय ही व्यक्ति को सर्वश्रेष्ठ और कमजोर बनता है।