प्रदेश सरकार एचआरटीसी में तैनात पीस मील वर्करों को राहत देने जा रही है। बीओडी के फैसले के बाद निगम प्रबंधन इन कर्मचारियों के लिए पॉलिसी बनाने की प्रक्रिया में जुट गया है। वर्तमान एचआरटीसी में 900 पीस मील कर्मचारी हैं।
एचआरटीसी इनकी वर्कशॉप और दफ्तरों में भी सेवाएं ले रहा है। अब सरकार की ओर से इन कर्मचारियों की लिखित परीक्षा ली जाएगी। उसके बाद इनके लिए पॉलिसी तैयार होगी।
एचआरटीसी में ये कर्मचारी करीब 10 साल से सेवाएं दे रहे हैं। वर्कशॉप में मेकेनिक के साथ इन पीस मील वर्करों को काम करते देखा जा सकता है। वर्तमान में इन कर्मचारियों को प्रबंधन की ओर से पांच से छह हजार के करीब मानदेय दिया जा रहा है।
पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान भी इन कर्मचारियों के लिए पॉलिसी बनाने की बात हुई थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब भाजपा सरकार की ओर से इन्हें राहत दी जा रही है। परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि निदेशक मंडल की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई है। अब इनके लिए पॉलिसी बनाई जा रही है।