लालपानी छात्र स्कूल में पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में छात्रों को नशा न करने के प्रति किया जागरूक
अच्छे दोस्त बनाएं और लक्ष्य तय कर करें पढ़ाई : नेगी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला के सबसे पुराने ब्वॉयज स्कूल लालपानी में वीरवार को अमर उजाला फाउंडेशन की विशेष मुहिम के तहत पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
जिला पुलिस के सहयोग से आयोजित इस जागरुकता कार्यक्रम में थाना सदर के प्रभारी देवा धर्म सेन नेगी ने बतौर मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। उन्होंने छठी से लेकर जमा दो कक्षा के विद्यार्थियों को पुलिस की कार्यप्रणाली की जानकारी दी। साथ ही नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया। कहा कि नशा करना वाला खुद ही नहीं बल्कि इससे उसका परिवार भी बर्बाद हो जाता है। उन्होंने कहा कि नशा कोई भी हो, यह सीधे तौर पर मौत को न्योता है। चिट्टे का नशा करने वाला ढाई साल से अधिक जीवन नहीं जी सकता।
उन्होंने छात्रों को अच्छे दोस्त बनाने और लक्ष्य तय करके पढ़ाई करने की सलाह दी। नशे की शुरुआत पान मसाला से होकर इसके बाद सिगरेट,चरस और चिट्टे तक चलती है। नशा मनुष्य के आत्मविश्वास को समाप्त कर देता है। यह सुनिश्चित करें कि कहीं आपको कोई अपराध में भागीदार तो नहीं बना रहा है। एक बार यदि नशे के इस काले कारोबार का हिस्सा बनें और पुलिस में केस दर्ज हुआ तो आप अपराधी की श्रेणी में आ जाएंगे। इससे आप किसी भी नौकरी के लिए पात्र नहीं रहेंगे। उन्होंने छात्रों के साथ थाना प्रभारी सदर का मोबाइल नंबर भी साझा किया और कहा कि नशे का कारोबार करने वालों को लेकर कोई सूचना आपके पास है, तो इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने छात्रों को मोबाइल का उपयोग भी सावधानी से करने की सलाह दी। कहा कि किसी भी प्रलोभन में न आएं, साइबर ठगी से बचें। बताया कि पुलिस अपराधी को सजा नहीं देती, बल्कि मामला दर्ज करने के बाद जांच कर न्यायालय के सामने रिपोर्ट रखती है।
विद्यार्थियों ने पूछे सवाल, अधिकारी ने दिए जवाब
पुलिस की पाठशाला के दौरान विद्यार्थियों ने कई रोचक सवाल भी पूछे। सातवीं कक्षा के छात्र हिमांशु ने कहा कि चिट्टा और चरस पूरी तरह बंद क्यों नहीं किया जाता। थाना प्रभारी ने कहा कि हर नशे से दूर रहने और छोड़ने के लिए आत्म विश्वास जरूरी है। आत्मविश्वास कम होने पर व्यक्ति नशे के चंगुल में फंस जाता है। नौवीं कक्षा के छात्र विक्रांत ने पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में जाना। आदित्य ने बाल मजदूरी और नाबालिग के अपराध में संलिप्त होने पर होने वाले वाली कार्रवाई के बारे में पूछा। नौवीं कक्षा के निखिल ने नशा छोड़ने के लिए पुलिस कैसे मदद करती है के बारे में जाना। छात्र अश्मित नेगी ने पूछा कि कहीं लड़ाई हो रही हो तो क्या करें।
अच्छे कार्य से बनाएं अपनी पहचान : प्रधानाचार्य
अमर उजाला का पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम सराहनीय प्रयास है। छात्र अच्छे कार्य करें और उपलब्धियां प्राप्त कर अपनी पहचान बनाने का प्रयास करें। गलत संगत से दूर रहें। नशा कर जीवन को बर्बाद न करें।
-राम कष्ण मारकंडे, प्रधानाचार्य लालपानी ब्वॉयज स्कूल शिमला