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Shimla News: धमकी भरा पोस्टर लगाने मामले में पुलिस ने खंगाली सीसीटीवी फुटेज

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संदिग्ध लोगों की पुलिस कर रही है पहचान
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होटलों और रिहायशी क्षेत्रों में आवाजाही करने वालों हो रही पहचान
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। भराड़ी क्षेत्र में सड़क के किनारे धमकी भरे पोस्टर लगाने वालों का पता लगाने के लिए पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है। वीरवार को पुलिस ने एवरसनी और इसके आसपास क्षेत्र के होटलों तथा रिहायशी क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। इसके अलावा पुलिस इस क्षेत्र के आसपास सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरों से भी संदिग्ध लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। हालांकि जिस जगह पर पोस्टर लगा है वह जंगल का क्षेत्र है और यहां पर सिर्फ सड़कों के किनारे गाड़ियां खड़ी होती हैं। ऐसे में यहां रात के समय होने वाली गतिविधियों के बारे में पता लगाने में पुलिस को मुश्किलें आ रही हैं। वहीं जंगल का क्षेत्र होने के कारण यहां पर रात के समय नशेड़ियों की सक्रियता रहती है। इस एंगल को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है।
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पुलिस ने इस मामले को लेकर थाना सदर में एफआईआर दर्ज की है। पोस्टर में रोहड़ू की अदालत और एसडीएम कोर्ट को उड़ाने की धमकी दी थी। इसको लेकर भी पुलिस पड़ताल कर रही है कि आखिरकार शिमला में पोस्टर लगाकर 100 किलोमीटर दूर के संस्थानों को उड़ाने की धमकी क्यों और किस उद्देश्य से दी है। बुधवार को पोस्टर मिलने के बाद जिला पुलिस और सीआईडी समेत जांच एजेंसियां अलर्ट हो गईं थीं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने दोनों परिसरों को खाली करवाकर तलाशी अभियान भी चलाया लेकिन इसमें किसी तरह की संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं की गई थी। इस तरह का जिला शिमला में यह पहला मामला है। इस वजह से भी पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पूरे मामले की सच्चाई क्या है। एएसपी अभिषेक ने बताया कि पुलिस मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है।
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