उल्लेखनीय है कि फरवरी, 2024 में पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य वित्त वर्ष 2027 तक आवासीय क्षेत्र में 1 करोड़ रूफटॉप सोलर इंस्टालेशन करना है। इसके बाद से प्रदेश में अब तक लगभग 1.53,709 पंजीकरण हो चुके हैं। इसमें कांगड़ा में 47,524, मंडी में 20,112, हमीरपुर में 14,128, ऊना में 13,473, शिमला में 13,238, बिलासपुर में 10,316, चंबा में 9,805, कुल्लू में 9,244, सोलन में 5,162, सिरमौर में 7,240, किन्नौर में 2,635 और लाहौल स्पीति में 832 पंजीकरण हो चुके है। नोडल अधिकारी लुकेश ठाकुर ने बताया कि इस योजना से लोगों को आय में वृद्धि, बिजली के बिलों में कमी और रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। इस परियोजना का लक्ष्य हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान करना है। सोलर प्लांट से तैयार होने वाली बिजली को विद्युत बोर्ड खरीदेगा।
सोलर पैनल के लिए ऐसे करें आवेदन
योजना का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ता https://www.pmsuryaghar.gov.in पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। स्टेट चुनें के बाद इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को सेलेक्ट करें। इलेक्ट्रिसिटी कंज्यूमर नंबर डालें। अपना मोबाइल नंबर और ईमेल डालें। इसके बाद कंज्यूमर नंबर और मोबाइल नंबर के साथ लॉगिन करें। रूफटॉप सोलर के लिए आवेदन करें। डिस्कॉम से फिजिबिलिटी अप्रूवल मिलने पर किसी भी रजिस्टर्ड वेंडर से प्लांट लगवाएं। एक बार इंस्टॉलेशन पूरा हो जाने पर प्लांट की डिटेल डिपॉजिट करें और नेट मीटर की इंस्टॉलेशन करें। कमीशनिंग रिपोर्ट मिलने के बाद पोर्टल के माध्यम से बैंक अकाउंट की डिटेल और एक कैंसल चेक डिपॉजिट करें। आपको 30 दिनों के भीतर सब्सिडी मिलेगी।
ग्रिड-कनेक्टेड रूफटॉप सोलर सिस्टम के क्या फायदे
- उपभोक्ता को बिजली बिल में बचत।
- उपलब्ध छत की खाली जगह का उपयोग, अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता नहीं।
- ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइनों की अतिरिक्त जरूरत नहीं।
- टेल-एंड ग्रिड वोल्टेज में सुधार और सिस्टम कंजेशन में कमी।
- 1 किलोवाट सोलर पॉवर प्लांट से एक दिन में 3 से 4 यूनिट उत्पन्न कर सकते हैं।