दिव्यांग बच्चों से मिले पीएम नरेंद्र मोदी।
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हिमाचल प्रदेश के सोलन के ठोडो मैदान में विजय संकल्प रैली में संबोधन के बाद पीएम नरेंद्र मोदी का काफिला लौटते समय अचानक राजगढ़ रोड स्थित सर्कुलर चौक पर दिव्यांग बच्चों को देखकर रुक गया। जनसभा स्थल से 200 मीटर पहले दिव्यांग बच्चे सड़क किनारे बैठे थे। इस दौरान पीएम प्रोटोकॉल तोड़कर गाड़ी से उतरे और दिव्यांग बच्चों से मिलने लगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गाड़ी से उतरते ही मोदी-मोदी के नारे शुरू हो गए। इस दौरान उन्होंने सबसे पहले सुरक्षा घेरे के बीच बच्चों से मुलाकात की और उनसे हाथ मिलाया। बच्चों ने अपने हाथों से स्वागत और धन्यवाद लिखे हुए ब्रोशर मोदी को भेंट किए। करीब सात मिनट तक बच्चों से बातचीत की। वहीं, पीएम को अपने बीच पाकर बच्चे भी खुश हुए। इस दौरान मोदी ने इन बच्चों का एक मांग पत्र भी लिया और जल्द उनकी मांग पर काम शुरू करने का आश्वासन दिया।
सोलन के लोगों और पुरानी यादों का जिक्र किया
मोदी ने कहा कि मुझे खुशी है जब में गुजरात का मुख्यमंत्री था तो मैने सोलन के मशरूम किंग ठाकुर बुधराम को गुजरात बुलाकर सम्मानित किया था। यहां के रास्ते, यहां की दुकानें और यहां के लोग, जब मैं यहां आया तो सारी पुरानी बातें याद आना स्वभाविक था। उन्होंने कहा कि शायद ही कभी ऐसा हुआ हो कि मैं सोलन आया और मनोहर लाल के चने न खाए हों। उन्होंने कहा कि मुझे सोलन के विधायक लखविंद्र राणा, राजीव बिंदल, सोफत, वीरेंद्र कश्यप, मनोहर लाल सूरी, वैद्य रामकुमार बिंदल, रामानंद ठाकुर, जेएल शर्मा, गोकुल मेहता, रितू सेठी कई पुराने साथी सबके साथ काम करने का अवसर मिला। सोलन विश्राम गृह में रुकता था। यहां खड़ग बहादूर, सुंदर चौकीदार होते थे। सोलन ने खूब खिलाया और सिखाया इसलिए सोलन का कर्जदार भी हूं। हिमाचल में बिताएं लंबे समय की स्मृतियां मुझे आज भी अपनी तरफ खिंचती हैं।
सोलन को मशरूम सिटी और रेड गोल्ड फेमस
प्रधानमंत्री ने कहा कि मां शूलिनी के आशीर्वाद से सोलन शहर मशरूम सिटी के नाम से विख्यात है। सोलन ने अपनी पहचान मशरूम और लाल टमाटर से बनाई है। सोलन में मनोहर लाल के चने शायद ही बिना खाए मैं यहां से कभी गया हूं। कहा कि सोलन ने मुझे खूब खिलाया और सिखाया है, इसलिए मैं सोलन का कर्जदार हूं। अपने 27 मिनट के भाषण में उन्होंने हिमाचल और सोलन की खूब यादें ताजा की।