प्रदेश के सरकारी स्कूलों में जर्जर ढांचे हटाकर सुरक्षित भवन तैयार करने की कवायद चल रही है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन विषय पर गृह मंत्रालय की बैठक में इस बाबत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिदायतें जारी की थीं।
इसके बाद से शिक्षा विभाग ऐसे भवनों की सूची तैयार करने में जुट गया है, जो बारिश, तूफान और भूकंप के दौरान गिरने की कगार पर हैं। इन भवनों को हटाकर स्कूल परिसराें को बच्चाें के लिए महफूज बनाया जाना है।
प्रधानमंत्री ने बैठक में निर्देश जारी किए थे कि सभी सरकारी स्कूलों में जर्जर भवन, दीवार, शौचालय इत्यादि के ढांचे फौरन हटाकर स्कूल परिसर आपदा नियंत्रण के लिहाज से सुरक्षित किए जाएं। इसके लिए शिक्षा विभाग ने भी सभी सरकारी स्कूल प्रबंधनों को शीघ्र जर्जर भवनों की रिपोर्ट जमा करवाने के निर्देश जारी किए हैं।
संयुक्त उच्चतर शिक्षा निदेशक डॉ. राकेश भारद्वाज ने बताया कि इस संबंध में भारत सरकार गृह मंत्रालय राष्ट्रीय आपदा नियंत्रण की बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई थी। जिसमें सभी स्कूलों और अन्य आवश्यक सार्वजनिक सुविधाओं वाले निर्माण आपदा प्रतिरोधक बनाने को कहा गया है। इसी के चलते सरकार की ओर से स्कूलों से जर्जर भवनों की रिपोर्ट जल्द से जल्द उपलब्ध करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
स्कूलों को जारी किए हैं निर्देश : उपनिदेशक
उच्चतर शिक्षा उपनिदेशक बीआर धीमान ने बताया कि प्रधानमंत्री के हवाले से निर्देश स्कूल स्तर पर प्रेषित किए गए हैं। सभी सरकारी स्कूलों को जर्जर भवनों, दीवारों सहित विद्यार्थियों को खतरा पैदा करने वाली अन्य कारकों की जानकारी देने को कहा गया है। जानकारी देने में लापरवाही बरतने वाले स्कूल प्रबंधनों पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।