सरकार पिंजौर-बद्दी फोरलेन के लिए भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी होने के तुरंत बाद निजी भूमि का अधिग्रहण शुरू कर दिया जाएगा। सरकार प्रभावितों को सर्किल रेट पर ही भूमि का मुआवजा देगी, जबकि फोरलेन के लिए जमीन देने की एवज में प्रभावित सवा करोड़ रुपये प्रति बीघा मांग रहे हैं। बद्दी फोरलेन निर्माण के लिए अभी तक जमीन का अधिग्रहण नहीं हो पाया है।
भूमि अधिग्रहण में सबसे बड़ी समस्या यही आ रही है कि कुछ प्रभावित जमीन का रेट सवा करोड़ प्रति बीघा रेट मांग रहे हैं, जबकि सरकार जमीन के इतना ज्यादा रेट देने में समर्थ नहीं है। बद्दी क्षेत्र में जमीन के सर्किल रेट 5 से 15 लाख प्रति बीघा तय है। सूत्रों के अनुसार अब सरकार ने जिला सोलन के उपायुक्त को पत्र लिखकर कहा है कि भूमि अधिग्रहण के लिए अधिसूचना जार करने की प्रक्रिया अमल में लाई जाए।
हरियाणा की जानी है 70 फीसदी जमीन
पिंजौर-बद्दी फोरलेन में हरियाणा और हिमाचल की जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। इस फोरलेन के निर्माण में हरियाणा की 70 फीसदी जमीन जानी है। इसमें हरियाणा की सरकारी जमीन जा रही है। इसके अलावा शेष हिमाचल की जमीन जानी है और इसमें निजी भूमि ज्यादा है। हिमाचल के भूमि मालिक ही जमीन का मुआवजा सर्किल रेट से अधिक मांग रहे हैं।