मंडी में पीएम नरेंद्र मोदी का संबोधन।
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पड्डल मैदान में हिमाचल प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट की दूसरी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बटन दबाते ही डिजिटल वॉल पर 28197 करोड़ की 287 परियोजनाओं से पर्दा उठा। गायत्री मंत्रों और शंखध्वनि के साथ इन बड़ी परियोजनाओं का अनावरण हुआ। सूबे के आर्थिक विकास के साथ इन परियोजनाओं से लगभग एक लाख रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। सबसे अधिक निवेश एसएमपीपी के डिफेंस पार्क से आया है। उद्योग और ऊर्जा के साथ पर्यटन, स्वास्थ्य, आयुर्वेद आदि क्षेत्रों से संबंधित परियोजनाएं भी धरातल पर उतारी गईं। पीएम ने राज्य की स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति का अनावरण भी किया। वर्तमान सरकार की विभिन्न उपलब्धियों पर आधारित विभाग की ओर से निर्मित वृत्तचित्र भी प्रदर्शित किया गया।
96 हजार करोड़ के समझौता ज्ञापन में 45 फीसदी निवेश धरातल पर उतरा
वर्ष 2019 में धर्मशाला में हुई अंतरराष्ट्रीय इन्वेस्टर्स मीट में प्रधानमंत्री की उपस्थिति में 96 हजार करोड़ के समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किए गए थे। उसी वर्ष 27 दिसंबर को 13500 करोड़ की परियोजनाओं की पहली ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी हुई। सोमवार को प्रधानमंत्री की मौजूदगी में 28197 करोड़ की दूसरी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी हुई। अब तक 41 हजार 697 करोड़ की ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी हो चुकी हैं। यानी, 45 फीसदी निवेश धरातल पर उतरा है। अब 54 हजार 303 करोड़ की ग्राउंड ब्रेकिग शेष है।
मेगा परियोजना
कंपनी प्रोजेक्ट ग्राउंड ब्रेकिंग
एसजेवीएनएल रेणुका बांध 6700 करोड़
एसएमपीपी डिफेंस पार्क 2,000 करोड़
किनवन एपीआई इकाई 850 करोड़
इंडो फार्म डिफेंस पार्क 510 करोड़
चीन बना भारतीय टैक्सटाइल मिलों के लिए खतरा: सचित जैन
सचित जैन वर्धमान ग्रुप के सह प्रबंध निदेशक हैं। उनके कार्यकाल में कंपनी का सालाना टर्नओवर 250 से 11 हजार करोड़ पहुंच गया है। अब छह सौ करोड़ का और निवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल में उद्योग चलाने का माहौल काफी अच्छा है। यहां का मौसम बेहतर है। शासन और प्रशासन भी काफी मददगार हैं। पीएम के समक्ष उन्होंने बताया कि चीन में टेक्सटाइल मिलों के लिए सूती धागे का पसंदीदा स्रोत भारत अब धीरे-धीरे इस बाजार से बाहर हो रहा है। वियतनाम और थाईलैंड में कताई मिलों ने बांग्लादेश और चीन के लिए सूती धागे की भारतीय आपूर्ति की जगह लेनी शुरू कर दी है। भारत के सूती धागा निर्यात में कमी आई है।
हिमाचल में फैक्ट्री सेटअप लगाने का निर्णय सही निकला : अंशुल
इंडो फार्म एक्विपमेंट के संयुक्त प्रबंध निदेशक अंशुल खडवालिया ने कहा कि हिमाचल में उन्होंने फैक्ट्री सेटअप लगाने का निर्णय लिया। यहां सौहार्दपूर्ण माहौल है। सरकार का नजरिया भी सकारात्मक है। शासन और प्रशासन का सहारा मिलता रहा तो वह दिन दूर नहीं, जब हिमाचल में औद्योगिक विकास को अधिक गति मिलेगी। उन्होंने एस्टिन यूनिर्वसिटी यूूके से पढ़ाई की है। उनकी फाइनांस लिमिटेड कंपनी भी है। यह किसानों को आर्थिक मदद मुहैया करवाती है, जो बैंक में ऋण आदि लेने के लिए असमर्थ रहते हैं। छह सौ से अधिक इंजीनियर को रोजगार दे चुके हैं। पांच हजार करोड़ से अधिक की इन्वेस्ट में की है। विदेशों में भी व्यवसाय कर रहे हैं।
देश में पहली बार हिमाचल में निजी क्षेत्र में बनेगा गोला बारूद : आशीष कंसल
आशीष कंसल एसएमपीपी ग्रुप के प्रबंध निदेशक हैं। उन्होंने बीटेक आईआईटी दिल्ली से किया है। आगे की पढ़ाई अमेरिका से की है। उन्होंने कहा कि अपने देश में काम करना चाहते थे, इसलिए अमेरिका में सेटल नहीं हुए। देश में पहली बार हिमाचल से निजी सेक्टर में गोला बारूद का उत्पादन शुरू होगा। इसका श्रेय केंद्र सरकार को जाता है, जिन्होंने इसकी मंजूरी दी। शुरुआत बुलेट प्रूफ जैकेट से हुई थी। अभी तक करीब 1 लाख 86 हजार जैकेट तैयार कर सेना को दी जा चुकी हैं। अब पूरा गोला बारूद हिमाचल में बनने की फैक्ट्री लग रही है। पहले सरकारी क्षेत्र में ही इसका उत्पादन होता था। बाहर की विदेशी कंपनियां गोला बारूद सप्लाई करती थीं। अब ऐसा नहीं होगा।
पीएम बोले- इको बहुत है, बंद करने पड़े सीएम और आयोजन स्थल के माइक
इंडो फार्म के प्रतिनिधि जब पीएम से वार्ता कर रहे थे तो पीएम ने खुद साउंड सिस्टम को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इको बहुत है। इसी दौरान आयोजकों में हड़कंप मच गया। सीएम के माइक और पड्डल पंडाल जहां मंच लगा था, वहां के माइक बंद करने पड़े। इन्वेस्टर्स मीट खत्म होने पर पड्डल में माइक नहीं लगे। मंच पर एलईडी से लाइव देख रहे लोगों ने साउंड न आने पर हूटिंग शुरू कर दी। कुछ देर बाद जैसे ही इनवेस्टर मीट शुरू हुई माइक आन हो गए।