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'धूमल-अनुराग ने किया 100 करोड़ का जमीन घोटाला'

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ललितगेट पर मां-बेटे (वसुंधरा राजे और दुष्यंत सिंह) को घेरने के बाद कांग्रेस ने अब हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और उनके बेटे व सांसद अनुराग ठाकुर को जमीन घोटाले के आरोपों के घेरे में लिया है। पार्टी ने दावा किया कि धूमल और उनके बेटे अनुराग ठाकुर ने क्रिकेट के नाम पर सत्ता का व्यापक दुरुपयोग किया है।
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धर्मशाला की जिस 16 एकड़ जमीन का हिमाचल प्रदेश को 100 करोड़ रुपये मिलते उसे वर्ष 2002 में धूमल सरकार ने हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए)को महज एक रुपया महीना की दर से 99 साल की लीज पर दे दी। मजेदार बात यह है कि उस दौरान सूबे की सरकार ने एचपीसीए से भूमि आवंटन के अनुरोध का इंतजार तक नहीं किया। उस समय धूमल सूबे के मुख्यमंत्री थे तो उनके सांसद पुत्र और बीसीसीआई के वर्तमान सचिव अनुराग एचपीसीए के अध्यक्ष।

निजी कंपनी ने भी किया नियमों किया उल्लंघन

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि महज स्टेडियम बनाने की शर्त पर मिली लीज का भी उल्लंघन करते हुए एक निजी कंपनी अवेडा ने स्टेडियम के अंदर रिवॉल्विंग रेस्टोरेंट और होटल का निर्माण किया। पार्टी ने इस मामले को संसद में उठाने की घोषणा कर मानसून सत्र में व्यापम घोटाला और ललित गेट पर पहले से मचे कोहराम को और बढ़ाने का सियासी संदेश दे दिया है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने बेहद व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि ललित गेट मामले में मां-बेटे की कहानी सुनाने के बाद पार्टी आज बाप-बेटे की कहानी सुनाएगी।

उन्होंने कहा कि जिस निजी कंपनी अवेडा ने वहां रिवॉल्विंग रेस्टोरेंट और होटल का निर्माण किया है पार्टी उसके कागजात की छानबीन में जुटी है। जल्द ही एक प्रेस कांफ्रेंस कर इस कंपनी की सच्चाई का भी पर्दाफाश किया जाएगा। रमेश ने कहा कि बाप-बेटे ने मिल कर सत्ता का दुरुपयोग करते हुए सूबे की सार्वजनिक जमीन पर कब्जा किया है। इसकेलिए तत्कालीन सरकार ने कपट भरे फैसले किए। उन्होंने कहा कि इस 16 एकड़ भूमि से हिमाचल सरकार को हर साल 94 लाख रुपये मिलने थे।

टकराव का खुला एक और मोर्चा

भ्रष्टाचार के सवाल पर इस मुद्दे के सामने आने के बाद सरकार और कांग्रेस के बीच सियासी जंग का नया मोर्चा खुलना तय है। इसके साथ ही ललित गेट और व्यापम घोटाले पर पहले से ही ठप संसद के मानसून सत्र गतिरोध दूर करने की संभावनाओं को भी ग्रहण लगा है।

सांसद और बीसीसीआई के सचिव अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस एक बार फिर से बिना सिर पैर के एक मुद्दा खड़ा करने की कोशिश कर रही है। वर्ष 2002 में धूमल सरकार ने मुझे नहीं बल्कि एचपीसीए को 16 एकड़ भूमि 99 साल की लीज पर दी थी। सभी को पता है कि एचपीसीए एक संस्था है और मैं उसका मालिक नहीं हूं।

अनुराग बोले, मानसिक रूप से दिवालिया हो चुकी कांग्रेस

वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश की ओर से दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस में लगाए गए हिमाचल क्रिकेट एसोसिएशन की जमीन से जुड़े आरोपों को एचपीसीए अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने झूठ का पुलिंदा करार दिया है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस मानसिक रूप से दिवालिया हो चुकी है। उन्होंने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर भी निशाना साधा कि प्रदेश कांग्रेस बार-बार यह मुद्दा उठाती है, जबकि एचपीसीए ने प्रदेश का नाम रोशन किया है। सीएम वीरभद्र स्पष्ट करें कि क्या प्रदेश में बड़े खेल आयोजन नहीं होने चाहिए। अनुराग ने कहा कि वीरभद्र के पुत्र विक्रमादित्य सिंह राइफल एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं।

अगर कोई जमीन एसोसिएशन को दी जाएगी तो क्या वह विक्रमादित्य की मान ली जाएगी। जहां भी कांग्रेस की सरकार है और क्रिकेट एसोसिएशन में उनके अध्यक्ष हैं, तो क्या सभी जमीनें उन्हें आवंटित की गई हैं। जयराम रमेश ने दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान 2002 में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के कार्यकाल में अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता वाली एचपीसीए को 16 एकड़ जमीन आवंटित करने का मामला उठाकर इसे गोलमाल करार दिया।

जयराम रमेश पर करूंगा मानहानि का केस: धूमल

ऊना। पूर्व यूपीए सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे जयराम रमेश द्वारा 100 करोड़ रुपये के घोटालों के व्यक्तिगत आरोपों पर पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि अभी वे आरोपों से पूरी तरह वाकिफ नहीं हैं। वे इसका अध्ययन करेंगे और आरोप व्यक्तिगत हुए तो कानूनी सलाह लेकर जयराम रमेश पर मानहानि का दावा ठोकेंगे।

भरवाईं में आयोजित पार्टी के महाप्रशिक्षण शिविर के समापन पर मीडिया से बातचीत में धूमल ने कहा कि कांग्रेस एक ऐसी भैंस है, जो कीचड़ में डूबी हुई है। जिधर को पूंछ हिलाती है, उसके छींटे उधर पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा लगाए गए झूठे आरोपों को एचपीसीए ने सर्वोच्च अदालत में चुनौती दी है।

कहा, पार्टी में कोई विवाद नहीं

ऐसे में एचपीसीए पर किसी तरह का आरोप लगाना अदालत की अवमानना के दायरे में आता है। एचपीसीए को अगर उनकी पूर्व सरकार ने जमीन दी है तो वह खेल को प्रोत्साहन के मकसद से बाकायदा कैबिनेट में पास करके दी गई। वहीं, उन्होंने कहा कि जमीन पर नाजायज कब्जा करने की संस्कृति कांग्रेस की है।

उन्होंने कहा कि हमने कोई जमीन नहीं ली। अगर ऐसा है तो कांग्रेस के लोग बेनामी संपत्ति को साबित करें। प्रो. धूमल ने शांता कुमार और पूर्व मंत्री रविंद्र रवि के विवाद पर टिप्पणी से इंकार करते हुए कहा कि यह पार्टी का अंदरूनी मसला है। इस बारे में पार्टी नेताओं को स्पष्ट कर दिया गया है कि ऐसी किसी बात को मीडिया में लेकर न जाएं।

आरोपों पर एचपीसीए भी आई आगे

शिमला। हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) भी वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश के आरोपों पर आगे आ गई है। एसोसिएशन के प्रेस सचिव मोहित सूद ने बयान जारी कर कहा कि जमीन एसोसिएशन को मिली है, अनुराग ठाकुर या उनके परिवार को नहीं। आज ठाकुर एचपीसीए के अध्यक्ष हैं, कल कोई और हो सकता है। जिस जमीन की बात हो रही है, उस पर धर्मशाला का सबसे खूबसूरत क्रिकेट स्टेडियम बना हुआ है।

जहां इंग्लैंड और वेस्ट इंडीज के खिलाफ दो अंतर्राष्ट्रीय मैच खेले जा चुके हैं। आईपीएल और देश की दूसरी एसोसिएशनों की ही तरह यह जमीन एचपीसीए को प्रदेश सरकार ने दी है। इसी मैदान पर इस साल अक्तूबर में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पहला टी-20 क्रिकेट मैच खेला जाना है। अगले साल फरवरी-मार्च में प्रस्तावित अंतर्राष्ट्रीय टी-20 मुकाबला भी इसी मैदान में प्रस्तावित है।

शांता बोले, पार्टी में विवाद का चैप्टर क्लोज, वीरभद्र कमजोर सीएम

भाजपा के पूर्व मंत्री रविंद्र रवि के आरोपों के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं सांसद शांता कुमार मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ खुलकर सामने आ गए हैं। रविवार को भरवाईं में मीडिया से बातचीत में शांता कुमार ने कहा कि भाजपा के भीतर विवाद का चैप्टर क्लोज हो चुका है। अब इस पर किसी तरह की टिप्पणी नहीं होगी।

शांता ने कहा कि मौजूदा दौर में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह शारीरिक, नैतिक और राजनीतिक रूप से कमजोर सीएम साबित हुए हैं। वीरभद्र सीबीआई जांच का सामना कर रहे हैं। कांग्रेस हाईकमान भी उनके साथ नहीं है। शांता ने कहा कि उन्होंने कभी राजनीतिक भावना से किसी पर व्यक्तिगत आरोप नहीं लगाए। राजनीति में अगर कोई बेहतर काम करे तो उसकी तारीफ जरूर होनी चाहिए।

बोले थे रवि, वीरभद्र-शांता की ये कैसी दोस्ती

मसलन हिमाचल में सड़क और सेब की फसल का श्रेय प्रदेश के पहले व कांग्रेस मुख्यमंत्री वाईएस परमार को जाता है। उन्हें पूर्व कांग्रेस प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव की प्रशंसा करने में कोई हिचक महसूस नहीं होती। चूंकि उन्होंने हिमाचल में सीएम पानी की रॉयल्टी की मांग की, जिसे नरसिम्हा राव ने जायज ठहराया। इसी का नतीजा है कि आज हिमाचल को पानी से पैदा होने वाली बिजली के बदले केंद्र से ढाई हजार करोड़ की रॉयल्टी मिल रही है।

भाजपा के पूर्व मंत्री रविंद्र रवि ने हाल ही में धर्मशाला में कहा था कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर लगातार घोटालों के आरोप लग रहे हैं। शांता कुमार व्यापम घोटाले पर तो सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन हिमाचल के मुख्यमंत्री पर संगीन आरोप लगने के बाद एक भी शब्द नहीं कहा। ऐसे में समझ नहीं आता कि यह किस तरह की दोस्ती का आगाज है।

शांता की खिलाफत पर रवि तलब

शशिभूषण पुरोहित, ऊना। पूर्व मंत्री रविंद्र सिंह रवि को सांसद शांता कुमार की मुखालफत महंगी पड़ सकती है। भरवाईं में आयोजित पार्टी के महाप्रशिक्षण शिविर में बेशक संबंधित विवाद से सभी नेताओं ने मीडिया से दूरी बनाए रखी, लेकिन पुख्ता सूत्रों की मानें तो इस मामले में रवि से व्यक्तिगत तौर पर बात की गई है।

सूत्रों के मुताबिक शिविर के पहले ही दिन प्रदेश पार्टी प्रभारी श्रीकांत शर्मा ने बंद कमरे में रविंद्र रवि से इस मुद्दे पर लंबी वार्ता की। बताया जा रहा है कि इस दौरान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतपाल सत्ती भी मौजूद रहे। हालांकि उन्होंने इस मुद्दे पर किसी तरह की टिप्पणी से इंकार किया है।

बैठक में रवि को कथित तौर पर चेतावनी भी जारी की गई, जिसके कई सियासी अर्थ लगाए जा रहे हैं। गौर हो कि शांता कुमार ने भाजपा शासित मध्य प्रदेश में व्यापम घोटाले और वसुंधरा राजे सहित सुषमा स्वराज के विवादित मुद्दे पर अमित शाह को खत लिखकर अपनी ही पार्टी को कठघरे में खड़ा किया था।

उन्होंने बाद में स्पष्टीकरण भी दिया लेकिन रविंद्र रवि ने बाकायदा प्रेस वार्ता बुलाकर शांता कुमार पर कई आरोप जड़े थे। प्रदेश स्तर पर इस मुद्दे को अनुशासनहीनता के दायरे में रखा गया है। उधर, पार्टी प्रभारी श्रीकांत शर्मा का कहना है कि यह परिवार के अंदर की बात थी, जिसे सुलझा लिया गया है। इस पर अब कोई टिप्पणी नहीं होगी। नेताओं से आग्रह किया गया है कि ऐसी बातों को लेकर बाहर न जाएं।
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शांता के आरोपों पर सीएम वीरभद्र ने किया पलटवार

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार के उन्हें कमजोर बताए जाने संबंधी आरोपों पर पलटवार किया है। आरोपों से साफ नाइत्तेफाकी जताते हुए सीएम ने कहा-हम कमजोर नहीं। हमें अपनी ताकत मालूम है। हम अपनी ताकत को सही वक्त के लिए बचाए रखते हैं। उसे सही वक्त पर इस्तेमाल करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल बयानबाजी से कुछ नहीं होता। कोई भी व्यक्ति दूसरे पर आरोप लगा सकता है। काम करना मुश्किल होता है। हम काम करते हैं। दरअसल, हम किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ है। अगर हम कमजोर होते तो इस लड़ाई को कैसे जारी रख पाते? यह बात समझ ली जानी चाहिए।
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