टेंडर के आवंटन के बाद 27 लाख रुपये से होना है कार्य संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। नगर निगम के नाभा वार्ड में मुख्य टैंक से पाइप लाइन बिछाने का काम लटक गया है। पाइपों की खरीद में देरी की वजह से यह काम शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में वार्ड के हजारों लोगों को अभी भी दूसरे वार्ड के टैंकों से आने वाली पानी की सप्लाई पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है। लिहाजा अगर यह पाइप लाइन बिछ जाती है तो वार्ड में रहने वाले लोगों को इसका काफी लाभ मिलना था।
शहर में हाल ही में सतलुज पेयजल परियोजना का पानी संजौली टैंक में आ गया है। ऐसे में रोजाना नियमित 10 से 15 एमएलडी पानी की सप्लाई आ रही है। अन्य परियोजना के पानी के साथ अब रोजाना शहर में पानी मिल रहा है। हालांकि दूसरी ओर शहर के नाभा वार्ड के लोगों को साथ लगते टूटीकंडी वार्ड के टैंक के पानी की सप्लाई पर निर्भर रहना पड़ रहा है। नाभा वार्ड की पार्षद सिम्मी नंदा के सदन में विरोध के बाद पाइपलाइन बिछाने को मंजूरी दी थी। ऐसे में एसजेपीएनएल कंपनी ने जनवरी में पाइपलाइन बिछाने को लेकर टेंडर तो कर दिया लेकिन अब पाइपों के न होने के कारण इसकी खरीद में होने वाली देरी से पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू नहीं हो रहा है। एसजेपीएनएल कंपनी का दावा था कि फरवरी में यह काम शुरू होगा लेकिन मार्च बीतने को आ गया है, धरातल पर काम शुरू नहीं हो पाया है। करीब 26 से 27 लाख की लागत से इस योजना के तहत वार्ड में पाइपलाइन बिछाने का काम किया जाना है।
52 एमएलडी आया पानी शहर के लिए सतलुज पेयजल परियोजना से रोजाना पानी आ रहा है। सभी परियोजनाओं से 52 एमएलडी पानी शहर को मिल रहा है। कंपनी का दावा है कि रोजाना शहर में 50 से 55 एमएलडी पानी की सप्लाई आ रही है। ऐसे में शहर में पानी का संकट नहीं हो रहा है। एसजेपीएनएल के एजीएम बसंत राठौर ने कहा कि पाइप खरीद के आर्डर दिए है। इनके आने के बाद तुरंत प्राथमिकता के आधार पर काम शुरू कर दिया जाएगा।