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हिमाचल: काटे जा सकेंगे प्राकृतिक आपदा, बीमारी या कीट हमले से सूख गए चीड़ के पेड़, आदेश जारी

Tue, 10 Mar 2026 05:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

 वन विभाग ने सूखे चीड़ के पेड़ों की कटाई को लेकर नया आदेश जारी किया है। हिमाचल प्रदेश भू संरक्षण अधिनियम 1978 की धारा 4 और 7 के तहत संशोधन किया गया है। 
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चीड़ के पेड़(सांकेतिक)। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश वन विभाग ने सूखे चीड़ के पेड़ों की कटाई को लेकर नया आदेश जारी किया है। हिमाचल प्रदेश भू संरक्षण अधिनियम 1978 की धारा 4 और 7 के तहत संशोधन किया गया है। सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार 10 सितंबर 2002 को जारी अधिसूचना में संशोधन करते हुए अब प्राकृतिक आपदा, बीमारी या कीट आक्रमण के कारण सूख चुके चीड़ के पेड़ों की कटाई की अनुमति दी जा सकेगी। यह अनुमति स्वीकृत 10 वर्ष के फेलिंग प्रोग्राम यानी कटाई योजना के अनुसार सक्षम प्राधिकारी की ओर से दी जाएगी। हालांकि, यह प्रावधान नगर निगम, नगर परिषद, नगर पंचायत और छावनी क्षेत्रों में लागू नहीं होगा।

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सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी विशेष परिस्थिति में 10 वर्षीय फेलिंग प्रोग्राम से बाहर चीड़ के सूखे पेड़ों को काटने की आवश्यकता होती है तो संबंधित वन वृत्त के वन अरण्यपाल सरकार को इसकी सिफारिश कर सकेंगे। हालांकि, पूरे वन वृत्त में ऐसे मामलों में अधिकतम 500 पेड़ों की कटाई ही एक वर्ष में अनुमति होगी। आदेश में यह भी कहा गया है कि ऐसे मामलों में कटाई से पहले मौके पर भौतिक सत्यापन अनिवार्य होगा, जो उप अरण्यपाल वन या डीएफओ रैंक के अधिकारी की ओर से किया जाएगा। यह संशोधन पारिस्थितिकी संरक्षण, वन और वन्यजीव सुरक्षा आदि के उद्देश्य से किया गया है। यह आदेश अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन) कमलेश कुमार पंत की ओर से जारी किया गया है।
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