सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी विशेष परिस्थिति में 10 वर्षीय फेलिंग प्रोग्राम से बाहर चीड़ के सूखे पेड़ों को काटने की आवश्यकता होती है तो संबंधित वन वृत्त के वन अरण्यपाल सरकार को इसकी सिफारिश कर सकेंगे। हालांकि, पूरे वन वृत्त में ऐसे मामलों में अधिकतम 500 पेड़ों की कटाई ही एक वर्ष में अनुमति होगी। आदेश में यह भी कहा गया है कि ऐसे मामलों में कटाई से पहले मौके पर भौतिक सत्यापन अनिवार्य होगा, जो उप अरण्यपाल वन या डीएफओ रैंक के अधिकारी की ओर से किया जाएगा। यह संशोधन पारिस्थितिकी संरक्षण, वन और वन्यजीव सुरक्षा आदि के उद्देश्य से किया गया है। यह आदेश अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन) कमलेश कुमार पंत की ओर से जारी किया गया है।