पवित्र मणिमहेश यात्रा के शाही स्नान के लिए शिव भक्तों की भीड़ जुट गई हैं। साफ मौसम भी ज्यादा भीड़ जुटने का एक कारण है। बुधवार से बड़े न्हौण के लिए प्रदेश और अन्य राज्यों के शिव भक्त भरमौर से डल झील के लिए रवाना हुए। बुधवार रात को ज्यादातर शिव भक्तों का पड़ाव धनछो में होगा। वीरवार को स्नान के लिए डल झील तक पहुंचेंगे।
दूसरी ओर, त्रिलोचन महादेव के संचूई के चेले चौरासी परिसर की परिक्रमा करने के बाद डल झील की तरफ रवाना हो गए। ये सभी धनछो में पड़ाव डालेंगे। वीरवार दोपहर को चेले जान जोखिम में डालकर डल झील को पार कर डल तोड़ने की परंपरा निभाएंगे। जैसे ही वे डल झील पर पहुंचेंगे तो तीन बार डल झील की परिक्रमा करने के उपरांत डल झील पार करेंगे। इसकी अगुवाई कार्तिक स्वामी कुगति के चेले करेंगे।
यह नजारा देखने के लिए बड़ी तादाद में शिवभक्त एकत्र होंगे। पड़ोसी राज्य जम्मू-कश्मीर के श्रद्धालु इन चेलों का आशीर्वाद लेकर अपना स्नान शुरू करेंगे। डल तोड़ने की रस्म अदायगी के बाद वीरवार दोपहर बाद जेएंडके के श्रद्धालु वापसी शुरू कर देंगे। पवित्र मणि के दर्शनों के लिए भी भारी तादाद में श्रद्धालु डल झील पर पूरी रात भजन-कीर्तन करेंगे। शाही स्नान का मुहूर्त शुक्रवार सुबह चार बजकर 19 मिनट पर शुरू होगा।
यह शनिवार सुबह छह बजकर 11 मिनट तक रहेगा। इस बीच लाखों की शिवभक्त डल झील पर मौजूद रहेंगे। इसकी के साथ मणिमहेश यात्रा का समापन हो जाएगा, लेकिन प्रशासनिक प्रबंध 12 सितंबर तक बने रहेंगे। इस दौरान मेडिकल कैंप और लंगर की व्यवस्था के साथ-साथ श्रद्धालुओं का पंजीकरण चलता रहेगा।