पैदल चलने वाले लोगों को झेलनी पड़ रही परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी की सड़कों पर रोज सुबह कचरे के ढेर लग रहे हैं। घरों से उठने वाला कूड़ा दोपहर तक सड़क किनारे पड़ा रहने से कुत्तों और बंदरों का आतंक भी बढ़ गया है।
शहर के फिंगास्क के पास भी बुधवार दोपहर तक सड़क किनारे कचरे के ढेर लगे रहे। इसे बंदर और कुत्ते सड़क पर बिखेरते रहे। इससे लोगों को पैदल आवाजाही करने में भी परेशानी झेलनी पड़ी। कैथू वार्ड से पूर्व पार्षद सुनील धर ने कहा कि रोज इस सड़क पर सुबह नगर निगम के कर्मचारी घरों से इकट्ठा किया कूड़ा जमा करते हैं। नगर निगम की गाड़ी दोपहर तक नहीं पहुंचती। तब तक बंदर और कुत्ते यह सारा कचरा सड़क पर बिखेर देते हैं। उन्होंने कहा कि कई बार इसकी शिकायत की लेकिन व्यवस्था नहीं सुधर रही। शहर के बैमलोई क्षेत्र में भी घरों से इकट्ठा किया जाने वाला कचरा कई बार दोपहर तक ही उठता है। यहां रेन शेल्टर और येलो लाइन पार्किंग में भी कचरे के ढेर लग गए हैं। सब्जी मंडी क्षेत्र में भी बुधवार को जगह जगह कचरा बिखरा रहा। नगर निगम का कहना है कि कई वार्डाें में कचरा ढोने वाली गाड़ियों की कमी हैं। इसके अलावा कई बार गाड़ियों में तकनीकी खराबी आने से भी कलेक्शन सेंटर से कचरा उठाने में देरी होती है। निगम का दावा है कि शहर में हर घर से कूड़ा उठ रहा है और इसे रोज भरयाल संयंत्र भी पहुंचाया जा रहा है।