संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में रविवार को आर्टिस्ट कौंसिल ऑफ इंडिया की ओर से एकादश कला प्रदर्शनी शुरू हुई। इसमें देश के ग्यारह चित्रकारों की कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं।
इस अवसर पर राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने बतौर मुख्यअतिथि शिरकत कर प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस दौरान भारतीय कला परिषद के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. चंदशेखर काले ने राज्यपाल का स्वागत किया। पांच दिवसीय प्रदर्शनी में कलाकारों ने विभिन्न विषयों पर कलाकृतियों को कैनवास पर उतारकर प्रदर्शित किया है। इसमें प्राकृतिक सौंदर्य, कार्टून, ऐतिहासिक इमारतों सहित अन्य चीजें शामिल हैं। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि कला एक सार्वभौमिक भाषा है जो सीमाओं से परे जाकर हम सभी को जोड़ती है। यह हमारे विचारों, भावनाओं और हमारे आस-पास की दुनिया का प्रतिबिंब है।
उन्होंने कहा कि यहां प्रदर्शित चित्र केवल कला की कृतियां नहीं हैं, वे कलाकारों के दिलो-दिमाग की खिड़कियां हैं। इनमें से प्रत्येक अनोखी कहानी कहती है। कई तरह की भावनाएं पैदा करती है। हमारे सांस्कृतिक परिदृश्य को समृद्ध बनाने और कलाकारों की भावी पीढ़ियों को प्रेरित करने में योगदान अमूल्य है। उन्होंने कहा कि शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर कलाओं के प्रदर्शन के लिए देश का उत्कृष्ट कला का केंद्र बनकर उभरा है। अंत में कार्यक्रम के संयोजक प्रवीण पंडित ने राज्यपाल को उनके द्वारा बनाई गई तस्वीर की पेंटिंग भेंट की।
प्रदर्शनी में गुजरात से अजीत वर्मा, उत्तर प्रदेश से डॉ. भारत भूषण, मध्य प्रदेश से डॉ. चंद्र शेखर काले, डॉ. नीता योगेंद्र पहाड़िया और मनोज पवार, पंजाब से डॉ. सुदर्शन पाल सिंह, चंडीगढ़ से ईश्वर दयाल, झारखंड से मुक्ता गुप्ता, हिमाचल से प्रवीण पंडित और विभूति सिंह, दिल्ली से रेनू सांगवान ने चित्र प्रदर्शित किए हैं।