पांवटा फार्म हाउस पर छापामारी की पल-पल की सूचना पीपल फार एनिमल टीम केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को देती रही।
हिमाचल के पांवटा फार्म हाउस पर छापामारी की पल-पल की सूचना पीपल फार एनिमल टीम केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को देती रही। छापामारी से लेकर वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज करवाने तक टीम अवगत करवाती रही। दबिश के दौरान आई दिक्कतों समेत सभी प्रक्रिया एवं बरामद वन्य जीव अवशेषों की अपडेट दे दी गई।
पीएफए संस्था पीपल फॉर एनिमल को केंद्रीय मंत्री की ओर से संचालित किया जा रहा है। दिल्ली से पहुंची टीम ने पांवटा के संदिग्ध फार्म हाउस पर दबिश को बेहद गोपनीय रखा था। टीम का नेतृत्व कर रहे ऑफिसर वाइल्ड लाइफ गौरव गुप्ता ने केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के संज्ञान में पूरी दबिश की प्रक्रिया लाई और केंद्रीय मंत्री से जरूरी दिशा निर्देश भी मिलते रहे।
देश के विभिन्न राज्यों में इस तरह के अवैध तस्करी गिरोह सक्रिय है। पूरी तथ्यपरक जानकारी के बाद ही दबिश दी जाती रही है। हिमाचल में इस तरह के स्थल की गुप्त और पुख्ता सूचना मिली थी। इसमें बताया गया था कि उत्तराखंड के राजा जी पार्क समेत विभिन्न स्थलों से वन्य जीवों का अवैध शिकार कर इनके अवशेषों की तस्करी की जा रही है।
इस गिरोह ने हिमाचल राज्य सीमा पर रामपुरघाट में अपना गुप्त ठिकाना बना रखा है। इसके बाद दिल्ली में ही गोपनीय ढंग से दबिश की रणनीति तैयार की गई। केवल एसपी सिरमौर से संपर्क कर पुलिस टीम को साथ भेजने के लिए सहयोग मांगा गया। इस फार्म हाउस स्थल पर वाहन पहुंचने में दिक्कतें हुईं। जिसके चलते कुछ लोग वाहन देख दूर से भाग खड़े हुए। छापामारी में बरामद प्रतिबंधित वन्य प्राणियों के अवशेषों की कीमत लाखों में बताई जा रही है।
वन्य जीव अवशेषों के करोड़ों के कारोबार का होगा खुलासा
फार्म हाउस से बारहसिंगा का सिंग, तेंदुए का पंजा, 2 नाखून, कछुए का खोल और तेंदुए के दो दांत बरामद किए गए हैं।
- फोटो : अमर उजाला
पांवटा फार्म हाउस में पीएफए (पीपल फॉर एनिमल) दिल्ली की टीम की छापामारी के दौरान मिले देश में प्रतिबंधित वन्य प्राणियों के अवशेषों के करोड़ों के कारोबार का खुलासा हो सकता है। टीम ने फार्म हाउस से काफी मात्रा में प्रतिबंधित वन्य जीव अवशेष बरामद किए हैं। फार्म हाउस संचालक, ठेकेदार और मजदूरों से पूछताछ की जा रही है। ठेकेदार की गतिविधियों को संदिग्ध बताया जा रहा है।
हिमाचल के पांवटा से वन्य जीव अवशेष तस्करों के तार अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े होने की भी संभावना है। हालांकि, अभी तक इस गिरोह के मुख्य सरगना और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। बता दें कि मंगलवार दोपहर को पांवटा के कुंजा मतरालियों रामपुरघाट में पीएफए टीम ने दबिश दी। टीम का नेतृत्व पीएफए संगठन ऑफिसर वाइल्ड लाइफ गौरव गुप्ता कर रहे थे।
दबिश के दौरान तेंदुए का पंजा, जिसमें दो नाखून लगे थे, 2 तेंदुए के नाखून, दो दांत, बारह सिंगा के दर्जन भर अवशेष तथा अन्य वन्य जीवों के अवशेष बरामद किए हैं। इन प्रतिबंधित अवशेषों को रखना, बेचना और तस्करी करना कानूनी जुर्म है। टीम की तरफ से पुलिस थाने में मामला दर्ज करवा दिया गया है।
उधर, थाना प्रभारी लायक राम सिसौदिया ने कहा कि मामले की गहनता से जांच हो रही है। वाइल्ड लाइफ सिंबलवाड़ा को वन्य प्राणियों के अवशेषों के सैंपल भेजे जा रहे हैं। पुलिस फार्म हाउस संचालक, ठेकेदार व मजदूरों से पूछताछ कर रही है। फार्म हाउस संचालक का कहना है कि ठेकेदार को लीज पर फार्म हाउस की जमीन दी है। टीम इस मामले में सभी तथ्यों को खंगाल रही है।
ठेके पर दिया था फार्म हाउस : संचालक
फार्म हाउस संचालक अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टू का कहना है कि इस मामले में वे बेकसूर हैं। इस मामले की जांच में पुलिस टीम का पूरा सहयोग किया जाएगा। हरियाणा के एक ठेकेदार को ठेके पर फार्म हाउस दिया था। पूछताछ के दौरान इसके एग्रीमेंट की प्रति भी पुलिस जांच टीम को सौंप दी है।