आखिरी बार कॉलेज प्राचार्य की पदोन्नति 10 जुलाई, 2018 को हुई थी। इसमें 23 शिक्षकों को नियमित प्राचार्य तथा 20 शिक्षकों को स्थानापत्र आधार पर पदोन्नत किया गया। बीते चार वर्षों के दौरान कोई भी पदोन्नति नहीं हुई है।
हिमाचल प्रदेश के 95 डिग्री कॉलेजों को चार साल बाद स्थायी प्राचार्य मिलने वाले हैं। 25 जुलाई को प्राचार्य की पदोन्नति को लेकर बैठक होने जा रही है। डीपीसी की बैठक के लिए प्रधान सचिव शिक्षा ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को सचिवालय में बुलाया है। प्रदेश के डिग्री कॉलेजों में जुलाई 2018 के बाद प्रिंसिपलों की पदोन्नितयां नहीं हुई हैं। कार्यवाहक प्राचार्य के सहारे 95 डिग्री कॉलेज चल रहे हैं।
विज्ञापन
आखिरी बार कॉलेज प्राचार्य की पदोन्नति 10 जुलाई, 2018 को हुई थी। इसमें 23 शिक्षकों को नियमित प्राचार्य तथा 20 शिक्षकों को स्थानापत्र आधार पर पदोन्नत किया गया। बीते चार वर्षों के दौरान कोई भी पदोन्नति नहीं हुई है। ऐसे में 95 सरकारी कॉलेजों में नियमित प्रिंसिपल नहीं हैं।
उच्च शिक्षा निदेशक ने 27 जुलाई, 2021 को संबंधित सरकारी कॉलेजों के प्रिंसिपलों को पत्र जारी कर वरिष्ठता सूची के आधार पर एसोसिएट प्रोफेसरों की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा था। नवंबर एवं दिसंबर 2021 के दौरान भर्ती एवं पदोन्नति नियम 2020 के आधार पर प्रत्येक विषय की विधिवत गठित जांच समितियों ने दस्तावेजों की जांच कर कॉलेज संवर्ग में प्रिंसिपल के रूप में पदोन्नति के लिए पात्र और अपात्र शिक्षकों की सूची तैयार की।
विज्ञापन
बीते छह माह से प्रिंसिपलों की डीपीसी करने की फाइल प्रधान सचिव शिक्षा के कार्यालयों में घूम रही है। सरकार चार माह के दौरान तीन बार प्रधान सचिव शिक्षा को बदल चुके हैं। अब वर्तमान प्रधान सचिव शिक्षा मनीष गर्ग ने सोमवार को इस बाबत बैठक बुलाकर डीपीसी करने का फैसला लिया है।