प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में पीरियड अवधि दस मिनट बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। सर्वशिक्षा अभियान, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान और एससीईआरटी ने संयुक्त तौर पर शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया है। इसे शैक्षणिक सत्र 2016-17 से लागू करने की योजना है।
बीते दिनों शिमला में प्रस्ताव को अंतिम रूप देकर जनता से सुझाव मांगने के लिए सार्वजनिक किया है। इसके तहत हर दो महीने बाद पहली से आठवीं के बच्चों के यूनिट टेस्ट लिए जाएंगे। पहले दो पीरियडों में यूनिट टेस्ट होंगे, इसके बाद कक्षाएं नियमित लगेंगी। सरकारी स्कूलों में असेसमेंट करने का तरीका बदला जाएगा। तीन घंटे की असेसमेंट करने की योजना बनाई गई है।
नए प्रस्ताव में प्राइमरी कक्षाओं में पीरियड का समय 35 मिनट की जगह दस मिनट बढ़ाकर 45 मिनट करने की योजना है। बढ़ाए जाने वाले पीरियड समय को स्कूल टाइमिंग में कैसे समायोजित करना है, इसको लेकर अभी मंथन जारी है। एससीईआरटी का तर्क है कि पीरियड अवधि दस मिनट बढ़ने से कॉपियां चेक करने और पढ़ाने को अतिरिक्त समय मिलेगा।
दो माह बाद यूनिट टेस्ट फिर असेसमेंट- शीतकालीन स्कूलों में मार्च के अंतिम और मई के दूसरे सप्ताह में यूनिट टेस्ट लिए जाएंगे। दो माह के दौरान पढ़ाए गए पाठ्यक्रम के आधार पर बच्चों का ज्ञान जांचा जाएगा। जून के अंतिम सप्ताह में असेसमेंट होगी। अगस्त के तीसरे और अक्तूबर के तीसरे सप्ताह में फिर यूनिट टेस्ट होगा। दिसंबर के दूसरे सप्ताह में असेसमेंट की जाएगी। ग्रीष्मकालीन स्कूलों में मई के दूसरे सप्ताह, जून के तीसरे सप्ताह में यूनिट टेस्ट और सितंबर के तीसरे सप्ताह में असेसमेंट होगी। नवंबर के तीसरे सप्ताह, जनवरी के पहले सप्ताह में यूनिट टेस्ट और मार्च के दूसरे सप्ताह में असेसमेंट होगी।
शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए जनता से भी सुझाव मांगे हैं। लोग सर्व शिक्षा अभियान शिमला के कार्यालय में पत्र लिखकर या ई मेल spdssahp@gmail.com से भी सुझाव दे सकते हैं। -घनश्याम चंद, राज्य परियोजना निदेशक, सर्व शिक्षा अभियान