पर्यावरण संरक्षण क्षेत्र में सिरमौर जिले एक नई पहल की है। पर्यावरण में जहर घोल रहे प्लास्टिक कचरे को अब न केवल ठिकाने लगाया जाएगा, बल्कि दैनिक उपयोग के लिए इस्तेमाल भी किया जा सकेगा। सिरमौर में प्लास्टिक के कचरे से बैंच तैयार करने की जिला प्रशासन ने पहल की है। सर्वप्रथम उपायुक्त कार्यालय के बाहर आम लोगों के लिए बैंच तैयार किए जाएंगे।
सोमवार को इसका विधिवत आगाज किया जाएगा। प्लास्टिक की बोतलों में बंद प्लास्टिक के लिफाफे, रैपर आदि से आरामदायक बेंच तैयार किए जाएंगे। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में जिला सिरमौर हमेशा आगे रहा है। गणतंत्र दिवस पर स्मृति चिन्ह के स्थान पर एक-एक पौधा उपहार के रूप में देकर जिला प्रशासन ने दो साल पहले एक पहल शुरू की थी। अब सिरमौर जिले को प्लास्टिक मुक्त बनाने का अभियान छेड़ा गया है।
श्री रेणुका जी में अंतरराष्ट्रीय रेणुका मेले के समापन पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस अभियान का आगाज किया था। प्लास्टिक मुक्त अभियान के तहत कोल्ड ड्रिंक्स, सोडा, पानी आदि की प्लास्टिक की बोतलों में प्लास्टिक के लिफाफे, टॉफियों के रैपर, चिप्स के खाली पैकेट आदि ठूंस-ठूंस कर भरे गए हैं।
उपायुक्त डॉ. आरके परुथी ने नाहन में ज्वाइनिंग के दौरान ही प्लास्टिक बोतलों के ब्रिक्स बनाने का सभी से आह्वान किया था। विभिन्न क्षेत्रों से प्लास्टिक कचरे को एकत्रित कर प्लास्टिक बोतलों के ब्रिक्स बनाए गए हैं। अब बोतलों में ठूंस-ठूंस कर भरे गए प्लास्टिक के बेंच तैयार किए जाएंगे। उपायुक्त डॉ. आरके परुथी ने बताया कि सोमवार को उनके कार्यालय के बाहर इसके बेंच बनाए जाएंगे।
डिमकी मंदिर में बनेगी प्लास्टिक की पहली सड़क
जिला सिरमौर में प्लास्टिक का उपयोग अब सड़क निर्माण में भी किया जाएगा। सोमवार को ही डिमकी मंदिर से भूडपुर कूण के लिए लगभग एक किलोमीटर सड़क की टारिंग प्लास्टिक कचरे से शुरू की जाएगी। प्लास्टिक को तारकोल में मिलाकर सड़क पक्की जी जाएगी। इससे प्लास्टिक का इस्तेमाल भी होगा और पर्यावरण को पहुंचने वाले नुकसान से भी बचा जा सकेगा।