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Shimla News: ढाई मंजिला भवन बना चुके लोग अब बढ़ा सकेंगे अतिरिक्त मंजिलें

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नया प्लान लागू होने के बाद मिलेगी राहत, अब तक ढाई मंजिला भवन बनाने की ही थी इजाजत
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नगर निगम और टीसीपी को निर्देशों का इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में नया डेवलपमेंट प्लान लागू होने से ढाई मंजिला भवन बना चुके शहरवासियों को भी बड़ी राहत मिलने जा रही है।
यह भी अब नए प्लान के मुताबिक अपने भवन के संशोधित नक्शे देकर अतिरिक्त मंजिलें बना सकेंगे। नगर निगम के अलावा टीसीपी क्षेत्र में भी यह राहत मिलने जा रही है। नए प्लान में लोग साढ़े तीन मंजिला तक भवन बना सकेंगे। एनजीटी की पाबंदी के चलते साल 2017 से लेकर अब तक शिमला के कोर और ग्रीन एरिया में निर्माण पर पूर्ण रोक लगी थी। सिर्फ नॉन कोर और प्लानिंग एरिया में ही निर्माण की छूट थी। लेकिन यहां भी सिर्फ ढाई मंजिल तक ही रिहायशी भवनों का निर्माण हो सकता था। बीते पांच साल में सैकड़ों भवन मालिकों ने नगर निगम और टीसीपी से ढाई मंजिला नक्शे पास करवाकर भवन का निर्माण करवाया है। अब नया प्लान लागू होने से यह लोग अपने भवन की ऊंचाई बढ़ा सकेंगे। नए डेवलपमेंट प्लान के अनुसार प्लानिंग एरिया में अब तीन मंजिला भवन, पार्किंग और रिहायशी एटिक के निर्माण की छूट मिलेगी। हालांकि, भवन की ऊंचाई बढ़ाने के आवेदन के साथ इनसे स्ट्रक्चर स्टेबिलिटी की रिपोर्ट ली जा सकती है।



नक्शे पास वालों को ही मिलेगी राहत
ढाई मंजिल से ज्यादा निर्माण करने के लिए सिर्फ उन्हीं भवन मालिकों को मंजूरी मिलेगी जिन्होंने नियमानुसार नक्शे पास करवाए हैं और निर्माण किया है। बिना नक्शे या फिर नक्शा पास करवाकर मनमर्जी से निर्माण करने वाले लोगों को मंजूरी नहीं मिलेगी। नगर निगम वास्तुकार महबूब शेख ने बताया कि अभी आयुक्त के साथ इस मामले पर चर्चा होनी है।
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नियमानुसार मिलेगी मंजूरी : प्लानर
अभी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का अध्ययन किया जा रहा है। सरकार के निर्देशों और नियमों के अनुसार ही नक्शे पास होंगे। इसमें जिन लोगों के साल 2017 के बाद ढाई मंजिला भवन के नक्शे पास हुए हैं, उन्हें रिवाइज नक्शे देने की छूट मिल सकती है।
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-प्रेमलता, जिला नगर एवं ग्राम योजनाकार शिमला, सोलन


भूकंपरोधी तकनीक की शर्त लगे : सुभाष
समाजसेवी एवं सेवानिवृत्त इंजीनियर सुभाष वर्मा ने कहा कि शिमला में नया डेवलपमेंट प्लान लागू होने से लोगों को राहत मिलेगी। हजारों लोग मकान बनाने के लिए इस फैसले का इंतजार कर रहे थे। सुझाव दिया कि अब आने वाले दिनों में भवन निर्माण में तेजी आएगी। ऐसे में निर्माण में भूकंपरोधी तकनीक की शर्त लगाई जाए ताकि शिमला आपदा से निपटने के लिए भी तैयार रहे।
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