सड़कों की खस्ता हालत से गुस्साए गुलेर वासियों ने गुरुवार की शाम मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का काफिला रोक लिया। मुख्यमंत्री गुलेर से जनसभा समाप्त कर वापस जा रहे थे।
इसी दौरान पहले से खड़े गुलेर, हरिपुर, सकरी, बिलासपुर, धार, धांगड़, नंदपुर, खैरिया, लूदरेट, जलख और देहरा पंचायतों के लोगों ने मुख्यमंत्री को रोककर उन्हें सड़क की हालत बताई।
स्थानीय निवासी सुकृत सागर के नेतृत्व में लोगों ने मुख्यमंत्री को राज्य उच्च मार्ग की दुर्दशा दिखाकर अपनी समस्याएं बताईं। लोगों ने मुख्यमंत्री को बताया कि यह राज्य उच्च मार्ग है। एमडीआर 80 का दर्जा प्राप्त कर चुकी सड़क की गुलेर से लेकर हरिपुर तक बेहद खस्ता हालत है।
इसके साथ बनखंडी से हरिपुर सड़क भी बदहाल होने से लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि देहरा की सड़कों में सबसे बदतर हालत गुलेर से धांगड़ सड़क की है।
आजादी के 70 साल बीत जाने के बाद भी यह लोग काला पानी जैसे हालातों में रह रहे हैं, लेकिन अब तक प्रशासन ने इनके लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। धांगड़ के लोगों ने तो मुख्यमंत्री से यहां तक कह दिया कि वह पहले ही सड़क न बनने पर चुनावों का बहिष्कार करने का फैसला ले चुके हैं।